Tuesday, August 4, 2026
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क्या आपका तकिया बन रहा है गर्दन दर्द की वजह? ऐसे करें सही तकिए का चुनाव

अच्छी और गहरी नींद के लिए सिर्फ सही गद्दा ही नहीं, बल्कि सही तकिया भी बेहद अहम भूमिका निभाता है। अगर सुबह उठते ही गर्दन में दर्द, कंधों में जकड़न या सिर भारी महसूस होता है, तो इसकी वजह आपका तकिया भी हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गलत ऊंचाई या आकार का तकिया रीढ़ की प्राकृतिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में अपनी सोने की आदत के अनुसार सही तकिया चुनना जरूरी है।

अच्छी नींद के लिए सही तकिया क्यों है जरूरी?

नींद के दौरान शरीर को पूरी तरह आराम तभी मिलता है, जब सिर, गर्दन और रीढ़ एक सीध में रहें। यदि तकिया बहुत ऊंचा, बहुत पतला या जरूरत से ज्यादा कठोर है, तो शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है। इसका असर नींद की गुणवत्ता के साथ-साथ अगले दिन की सेहत पर भी दिखाई देता है।

गलत तकिया बन सकता है दर्द की वजह

विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक गलत तकिया इस्तेमाल करने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं, जैसे—

सुबह उठते ही गर्दन में दर्द या अकड़न
कंधों में भारीपन और जकड़न
सिरदर्द की शिकायत
रात में बार-बार नींद खुलना
पूरे दिन थकान महसूस होना
ज्यादा ऊंचा तकिया क्यों नहीं है सही?

अगर तकिया जरूरत से ज्यादा ऊंचा है, तो सोते समय गर्दन आगे की ओर झुक जाती है। इससे गर्दन की मांसपेशियों और नसों पर दबाव बढ़ सकता है। खासकर पीठ के बल सोने वालों के लिए ऊंचा तकिया नुकसानदायक साबित हो सकता है।

बहुत पतला तकिया भी बढ़ा सकता है परेशानी

सिर्फ ऊंचा ही नहीं, बहुत पतला तकिया भी सही विकल्प नहीं माना जाता। यदि तकिया सिर और गर्दन को पर्याप्त सहारा नहीं देता, तो रीढ़ की प्राकृतिक स्थिति बिगड़ सकती है। इससे गर्दन में खिंचाव, दर्द और सुबह उठने पर शरीर में थकान महसूस हो सकती है।

अपनी सोने की आदत के अनुसार चुनें तकिया

हर व्यक्ति के लिए एक जैसा तकिया उपयुक्त नहीं होता। सही चुनाव आपकी सोने की पोजीशन पर निर्भर करता है।

पीठ के बल सोने वाले लोग

मध्यम ऊंचाई वाला तकिया चुनें।
गर्दन को प्राकृतिक सपोर्ट मिले।
सिर और रीढ़ एक सीध में रहें।

करवट लेकर सोने वाले लोग

थोड़ा ऊंचा और मजबूत तकिया बेहतर माना जाता है।
इससे गर्दन और कंधों के बीच सही संतुलन बना रहता है और रीढ़ सीधी रहती है।

तकिया कब बदलना चाहिए?

समय के साथ तकिए की मजबूती और आकार बदलने लगता है, जिससे उसका सपोर्ट कम हो जाता है। विशेषज्ञों की मानें तो सामान्यतः 1 से 3 साल के बीच तकिया बदल देना चाहिए। यदि तकिया दब गया हो, आकार बिगड़ गया हो या उस पर सोने के बाद लगातार दर्द महसूस हो, तो नया तकिया लेना बेहतर रहेगा।

नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। किसी भी लगातार दर्द या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

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