Monday, September 7, 2026
Home स्वास्थ्य बच्चों की सेहत के लिए ठीक नहीं है चकोतरा, भूल कर भी...

बच्चों की सेहत के लिए ठीक नहीं है चकोतरा, भूल कर भी ना खिलाएं, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

फल खाने से सेहत दुरुस्त रहती है. यह हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद होती है. बच्चों को भी कम उम्र से ही हेल्दी चीजें जैसे फल खाने की आदत डलवानी चाहिए. हालांकि, कुछ फल बच्चों की सेहत के लिए ठीक नहीं माने जाते हैं। इनमें चकोतरा भी शामिल है। चकोतरा सेहतमंद फल माना जाता है. हालांकि बच्चों को ये फल खिलाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. वरना उन्हें नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं बच्चों को कब चकोतरा खिलाना चाहिए और कब नहीं…

बच्चों को चकोतरा खिलाना चाहिए या नहीं
बच्चों को 12 महीने की उम्र से पहले कभी भी खट्टे फल न खिलाने की सलाह दी जाती है. दरअसल, ये फल एसिडिक होते हैं। जिसकी वजह से बच्चे की स्किन पर दाने निकल सकते हैं. हालांकि, पीडियाट्रिशियन की सलाह पर 6 महीने के बाद बच्चों को चकोतरा खिला सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई बच्चा कैल्शियम एंटागोनिस्ट, सिसाप्राइड और सिक्लोस्पोरिन जैसी दवाईयां ले रहा है तो उन्हें चकोतरा नहीं देना चाहिए. क्योंकि चकोतरा खाने से दवा का असर और बायो अवेलिबिलिटी प्रभावित हो सकता है। अगर आपका शिशु कोई दवा ले रहा है तो बच्चों को चकोतरा या उससे बना कोई भी प्रोडक्ट्स खिलाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

चकोतरा कितना फायदेमंद
चकोतरा का गूदा विटामिन ए और सी के साथ पोटेशियम से भरपूर है। इसमें लाइकोपेनिया और नरिंगिन जैसे कई फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं। इसलिए बच्चों के आहार को संतुलित बनाने के लिए उन्हें चकोतरा दे सकते हैं. चकोतरा में पानी और पोटेशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की हाई मात्रा छोटे बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचा सकता है। पानी और डायटरी फाइबर की वजह से यह फल बच्चों की आंत को एक्टिव रखने और पाचन में मददगार होता है. इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला फिनोल और फ्लेवेनोन जैसे कंपाउंड्स गट माइक्रोबायोटा को बढ़ावा देने में काफई मददगार हो सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल से कम उम्र के बच्चों को फलों का रस देना ठीक नहीं होता है। उन्हें चकोतरा ही नहीं किसी भी फल का जूस नहीं देना चाहिए. जूस के मुकाबले फल ज्यादा अच्छे माने जाते हैं. जूस में शुगर की ज्यादा मात्रा होने से दांतों में कैविटी की आशंका रहती है। इसकी वजह से दस्त की समस्या भी हो सकती है. इसलिए एक साल से कम उम्र के बच्चों को फलो का जूस नहीं देना चाहिए।

RELATED ARTICLES

स्वाइन फ्लू को लेकर बढ़ी चिंता, बुखार न हो तब भी इन संकेतों पर रहें सतर्क

देश के कई हिस्सों में इन दिनों इन्फ्लुएंजा-ए के H1N1 वायरस को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश,...

शुगर को काबू में रखने के लिए सिर्फ दवाइयां नहीं, सही खानपान भी जरूरी

डायबिटीज को नियंत्रित रखना सिर्फ दवाइयां लेने तक सीमित नहीं है। रोजाना की डाइट, खाने की मात्रा और भोजन का समय भी ब्लड शुगर...

सिगरेट का धुआं फेफड़ों के साथ किडनी के लिए भी खतरनाक, गंभीर बीमारियों का बढ़ सकता है जोखिम

धूम्रपान को अक्सर फेफड़ों की बीमारी और कैंसर से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसका असर शरीर के कई दूसरे महत्वपूर्ण अंगों पर भी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा पर डीएम की नजर, तय नियमों के पालन के निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने...

एमडीडीए ने अवैध निर्माण पर कसा शिकंजा, तीन निर्माण स्थल सील

देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई...

नदी प्रदूषण पर प्रशासन सख्त, कूड़ा डालने वालों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर

देहरादून 05 सितंबर,2026 (सू.वि), जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी उप जिलाधिकारियों, नगर...

सिनेमाघरों में छाई ‘मिर्जापुर: द मूवी’, ओपनिंग डे पर 25.75 करोड़ की कमाई

लंबे समय से जिस फिल्म का दर्शकों को इंतजार था, वह आखिरकार सिनेमाघरों में पहुंच गई है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने रिलीज के साथ...

Recent Comments

A WordPress Commenter on Hello world!