Monday, June 8, 2026
Home स्वास्थ्य बच्चों की सेहत के लिए ठीक नहीं है चकोतरा, भूल कर भी...

बच्चों की सेहत के लिए ठीक नहीं है चकोतरा, भूल कर भी ना खिलाएं, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

फल खाने से सेहत दुरुस्त रहती है. यह हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद होती है. बच्चों को भी कम उम्र से ही हेल्दी चीजें जैसे फल खाने की आदत डलवानी चाहिए. हालांकि, कुछ फल बच्चों की सेहत के लिए ठीक नहीं माने जाते हैं। इनमें चकोतरा भी शामिल है। चकोतरा सेहतमंद फल माना जाता है. हालांकि बच्चों को ये फल खिलाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. वरना उन्हें नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं बच्चों को कब चकोतरा खिलाना चाहिए और कब नहीं…

बच्चों को चकोतरा खिलाना चाहिए या नहीं
बच्चों को 12 महीने की उम्र से पहले कभी भी खट्टे फल न खिलाने की सलाह दी जाती है. दरअसल, ये फल एसिडिक होते हैं। जिसकी वजह से बच्चे की स्किन पर दाने निकल सकते हैं. हालांकि, पीडियाट्रिशियन की सलाह पर 6 महीने के बाद बच्चों को चकोतरा खिला सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई बच्चा कैल्शियम एंटागोनिस्ट, सिसाप्राइड और सिक्लोस्पोरिन जैसी दवाईयां ले रहा है तो उन्हें चकोतरा नहीं देना चाहिए. क्योंकि चकोतरा खाने से दवा का असर और बायो अवेलिबिलिटी प्रभावित हो सकता है। अगर आपका शिशु कोई दवा ले रहा है तो बच्चों को चकोतरा या उससे बना कोई भी प्रोडक्ट्स खिलाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

चकोतरा कितना फायदेमंद
चकोतरा का गूदा विटामिन ए और सी के साथ पोटेशियम से भरपूर है। इसमें लाइकोपेनिया और नरिंगिन जैसे कई फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं। इसलिए बच्चों के आहार को संतुलित बनाने के लिए उन्हें चकोतरा दे सकते हैं. चकोतरा में पानी और पोटेशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की हाई मात्रा छोटे बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचा सकता है। पानी और डायटरी फाइबर की वजह से यह फल बच्चों की आंत को एक्टिव रखने और पाचन में मददगार होता है. इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला फिनोल और फ्लेवेनोन जैसे कंपाउंड्स गट माइक्रोबायोटा को बढ़ावा देने में काफई मददगार हो सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल से कम उम्र के बच्चों को फलों का रस देना ठीक नहीं होता है। उन्हें चकोतरा ही नहीं किसी भी फल का जूस नहीं देना चाहिए. जूस के मुकाबले फल ज्यादा अच्छे माने जाते हैं. जूस में शुगर की ज्यादा मात्रा होने से दांतों में कैविटी की आशंका रहती है। इसकी वजह से दस्त की समस्या भी हो सकती है. इसलिए एक साल से कम उम्र के बच्चों को फलो का जूस नहीं देना चाहिए।

RELATED ARTICLES

घंटों एक जगह बैठे रहने से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का जोखिम

बदलती जीवनशैली और बढ़ते काम के दबाव के बीच हृदय रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि...

दिनभर सुस्ती और थकावट महसूस होती है? इन कारणों को न करें नजरअंदाज

दिनभर सुस्ती, काम में मन न लगना और बार-बार नींद आना आजकल कई लोगों की आम समस्या बन चुकी है। अक्सर लोग इसे व्यस्त...

विशेषज्ञ बोले—तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक

तंबाकू और धूम्रपान आज दुनिया के सामने एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बने हुए हैं। जागरूकता अभियानों और स्वास्थ्य चेतावनियों के बावजूद करोड़ों लोग सिगरेट,...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

योग दिवस आयोजन को लेकर प्रशासन अलर्ट, विभागों के बीच समन्वय पर जोर

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल एवं भव्य आयोजन को लेकर जनपद स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में विकास...

‘हिलान्स’ सरसों तेल बना पहचान का प्रतीक, महिलाओं ने बदली आर्थिक तस्वीर

देहरादून जनपद के कालसी विकासखंड स्थित हरीपुर गांव में महिलाओं की मेहनत, लगन और सामूहिक नेतृत्व ने ग्रामीण उद्यमिता का एक प्रेरणादायक मॉडल स्थापित...

इंट्रो वीडियो के साथ ‘बेबी डू डाई डू’ की शानदार शुरुआत

अभिनेत्री हुमा कुरैशी एक बार फिर दमदार अंदाज में दर्शकों के सामने आने के लिए तैयार हैं। उनकी आगामी एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'बेबी डू डाई...

घंटों एक जगह बैठे रहने से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का जोखिम

बदलती जीवनशैली और बढ़ते काम के दबाव के बीच हृदय रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि...

Recent Comments