Saturday, March 7, 2026
Home स्वास्थ्य हर मौसम में ठंड लगना? जानिए किस न्यूट्रिएंट की कमी है वजह

हर मौसम में ठंड लगना? जानिए किस न्यूट्रिएंट की कमी है वजह

सर्द मौसम में ठंड महसूस होना आम बात है, लेकिन कई बार ऐसा देखा जाता है कि समान माहौल में बैठे लोगों में कुछ को असहनीय ठंड लगती है, जबकि बाकी सामान्य महसूस करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण केवल मौसम नहीं बल्कि शरीर के भीतर होने वाले पोषण असंतुलन और मेटाबॉलिक बदलाव भी हो सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि मानव शरीर अपने तापमान को संतुलित रखने के लिए रक्त संचार, हार्मोन और ऊर्जा उत्पादन की प्रणाली पर निर्भर करता है। जब शरीर में आवश्यक विटामिन और मिनरल्स की कमी हो जाती है, तो यह संतुलन बिगड़ने लगता है। नतीजतन शरीर पर्याप्त गर्मी उत्पन्न नहीं कर पाता और व्यक्ति को बार-बार ठंड लगने लगती है।

डॉक्टरों के मुताबिक, आयरन की कमी इस समस्या की सबसे आम वजहों में से एक है। आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन घटता है, जिससे शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन कम पहुंचती है और हाथ-पैर ठंडे रहने लगते हैं। वहीं विटामिन बी12 की कमी नसों को प्रभावित करती है, जिससे झुनझुनी और ठंडक का अहसास बढ़ जाता है।

इसके अलावा थायरॉइड हार्मोन असंतुलन, कम कैलोरी डाइट, लगातार खाली पेट रहना और अत्यधिक मानसिक तनाव भी शरीर की गर्मी बनाए रखने की क्षमता को कमजोर कर देते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को ठंड अधिक महसूस होती है।

ठंड से तुरंत राहत पाने के लिए हल्की शारीरिक गतिविधि जैसे टहलना या स्ट्रेचिंग फायदेमंद मानी जाती है। इससे रक्त प्रवाह बढ़ता है और शरीर जल्दी गर्म होता है। साथ ही गुनगुना पानी, हर्बल चाय या सूप पीने से भी आंतरिक तापमान में सुधार आता है।

पोषण विशेषज्ञ सर्दियों में गुड़, तिल, मूंगफली, बाजरा, खजूर, अदरक और लहसुन जैसे खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं। ये खाद्य पदार्थ शरीर में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाते हैं और रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं।

यदि पर्याप्त भोजन और जीवनशैली सुधार के बावजूद अत्यधिक ठंड लगने की समस्या बनी रहती है, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। समय रहते ब्लड टेस्ट कराने से आयरन, बी12 या अन्य पोषक तत्वों की कमी का पता लगाया जा सकता है।

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बार-बार ठंड लगना किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है, इसलिए इसे हल्के में न लें। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित योग और तनाव मुक्त जीवनशैली अपनाकर शरीर की प्राकृतिक गर्मी बनाए रखने की क्षमता को मजबूत किया जा सकता है।

RELATED ARTICLES

पथरी की समस्या को नजरअंदाज न करें, समय रहते उपचार कराना जरूरी

बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह...

युवा और बच्चे भी हो रहे सुनने की परेशानी का शिकार, जानिए क्या हैं कारण

आमतौर पर यह माना जाता है कि सुनने की क्षमता उम्र बढ़ने के साथ कम होती है, लेकिन अब यह समस्या केवल बुजुर्गों तक...

रंगों की होली में कॉन्टैक्ट लेंस से बढ़ सकता है आंखों का खतरा, समझें नुकसान

होली के रंगों के साथ मस्ती करना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन इस उत्साह में अक्सर लोग अपनी आंखों की सुरक्षा को...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

बॉक्स ऑफिस पर ‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की फीकी शुरुआत, पहले दिन नहीं जुटा पाई बड़ी कमाई

फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन की बतौर निर्माता नई फिल्म चरक: फियर ऑफ फेथ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसे विषयों...

पथरी की समस्या को नजरअंदाज न करें, समय रहते उपचार कराना जरूरी

बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह...

देश के विकास और बेहतर शासन के लिए केंद्र सरकार प्रयासरत: अमित शाह

हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने...

टिहरी झील को विश्व मानचित्र पर पर्यटन-खेल के हब के रूप में विकसित किया जाएगा: मुख्यमंत्री

टिहरी।पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हो...

Recent Comments