Friday, July 24, 2026
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हर मौसम में ठंड लगना? जानिए किस न्यूट्रिएंट की कमी है वजह

सर्द मौसम में ठंड महसूस होना आम बात है, लेकिन कई बार ऐसा देखा जाता है कि समान माहौल में बैठे लोगों में कुछ को असहनीय ठंड लगती है, जबकि बाकी सामान्य महसूस करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण केवल मौसम नहीं बल्कि शरीर के भीतर होने वाले पोषण असंतुलन और मेटाबॉलिक बदलाव भी हो सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि मानव शरीर अपने तापमान को संतुलित रखने के लिए रक्त संचार, हार्मोन और ऊर्जा उत्पादन की प्रणाली पर निर्भर करता है। जब शरीर में आवश्यक विटामिन और मिनरल्स की कमी हो जाती है, तो यह संतुलन बिगड़ने लगता है। नतीजतन शरीर पर्याप्त गर्मी उत्पन्न नहीं कर पाता और व्यक्ति को बार-बार ठंड लगने लगती है।

डॉक्टरों के मुताबिक, आयरन की कमी इस समस्या की सबसे आम वजहों में से एक है। आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन घटता है, जिससे शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन कम पहुंचती है और हाथ-पैर ठंडे रहने लगते हैं। वहीं विटामिन बी12 की कमी नसों को प्रभावित करती है, जिससे झुनझुनी और ठंडक का अहसास बढ़ जाता है।

इसके अलावा थायरॉइड हार्मोन असंतुलन, कम कैलोरी डाइट, लगातार खाली पेट रहना और अत्यधिक मानसिक तनाव भी शरीर की गर्मी बनाए रखने की क्षमता को कमजोर कर देते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को ठंड अधिक महसूस होती है।

ठंड से तुरंत राहत पाने के लिए हल्की शारीरिक गतिविधि जैसे टहलना या स्ट्रेचिंग फायदेमंद मानी जाती है। इससे रक्त प्रवाह बढ़ता है और शरीर जल्दी गर्म होता है। साथ ही गुनगुना पानी, हर्बल चाय या सूप पीने से भी आंतरिक तापमान में सुधार आता है।

पोषण विशेषज्ञ सर्दियों में गुड़, तिल, मूंगफली, बाजरा, खजूर, अदरक और लहसुन जैसे खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं। ये खाद्य पदार्थ शरीर में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाते हैं और रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं।

यदि पर्याप्त भोजन और जीवनशैली सुधार के बावजूद अत्यधिक ठंड लगने की समस्या बनी रहती है, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। समय रहते ब्लड टेस्ट कराने से आयरन, बी12 या अन्य पोषक तत्वों की कमी का पता लगाया जा सकता है।

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बार-बार ठंड लगना किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है, इसलिए इसे हल्के में न लें। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित योग और तनाव मुक्त जीवनशैली अपनाकर शरीर की प्राकृतिक गर्मी बनाए रखने की क्षमता को मजबूत किया जा सकता है।

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