Monday, June 8, 2026
Home स्वास्थ्य शुगर का सेवन और हृदय रोग: क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

शुगर का सेवन और हृदय रोग: क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

आज की तेज रफ्तार जिंदगी और बदलती खानपान की आदतों के बीच हृदय रोग एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभर रहे हैं। अक्सर लोग दिल की सेहत को लेकर नमक और तेल पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन रोजमर्रा की डाइट में शामिल अधिक चीनी भी उतनी ही खतरनाक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अनजाने में बढ़ती शुगर की मात्रा दिल समेत पूरे शरीर पर गहरा असर डाल रही है।

वर्तमान समय में हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं और इसका दायरा अब हर उम्र वर्ग तक पहुंच चुका है। डॉक्टरों का मानना है कि खराब जीवनशैली, असंतुलित आहार और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। खासतौर पर खानपान में बढ़ती चीनी की मात्रा एक छिपा हुआ खतरा बनती जा रही है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि जहां ज्यादा नमक ब्लड प्रेशर बढ़ाकर दिल को नुकसान पहुंचाता है, वहीं अत्यधिक चीनी का सेवन भी हृदय रोगों के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। आमतौर पर चीनी को डायबिटीज से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसका असर सीधे दिल की सेहत पर भी पड़ता है।

दरअसल, पैकेज्ड फूड, सॉफ्ट ड्रिंक, मिठाइयों और प्रोसेस्ड चीजों में छिपी अतिरिक्त चीनी शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ाती है, जिससे मोटापा बढ़ता है। मोटापा ही आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोगों का बड़ा कारण बनता है।

अध्ययनों के मुताबिक, ज्यादा चीनी का सेवन शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ाता है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और गुड कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है। यह स्थिति धमनियों में फैट जमा होने का कारण बनती है, जिससे ब्लड फ्लो प्रभावित होता है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अधिक चीनी शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) को बढ़ाती है, जो रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। इससे दिल की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है और लंबे समय में गंभीर हृदय रोग विकसित हो सकते हैं।

कार्डियोलॉजिस्ट्स की सलाह है कि दिल को स्वस्थ रखने के लिए केवल नमक ही नहीं, बल्कि चीनी का सेवन भी सीमित करना बेहद जरूरी है। खासतौर पर मीठे पेय पदार्थ जैसे कोल्ड ड्रिंक, सोडा और पैकेट वाले जूस से दूरी बनाना चाहिए, क्योंकि इनमें अत्यधिक मात्रा में शुगर मौजूद होती है।

इसके अलावा, ज्यादा मीठे पेय पदार्थ केवल दिल ही नहीं बल्कि लिवर के लिए भी नुकसानदायक होते हैं। इनमें मौजूद फ्रुक्टोज लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे समय के साथ लिवर संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

विशेषज्ञ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को अपनाने की सलाह देते हैं। ताजे फल-सब्जियों का सेवन बढ़ाना और प्रोसेस्ड व मीठी चीजों से दूरी बनाना दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकता है।

RELATED ARTICLES

घंटों एक जगह बैठे रहने से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का जोखिम

बदलती जीवनशैली और बढ़ते काम के दबाव के बीच हृदय रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि...

दिनभर सुस्ती और थकावट महसूस होती है? इन कारणों को न करें नजरअंदाज

दिनभर सुस्ती, काम में मन न लगना और बार-बार नींद आना आजकल कई लोगों की आम समस्या बन चुकी है। अक्सर लोग इसे व्यस्त...

विशेषज्ञ बोले—तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक

तंबाकू और धूम्रपान आज दुनिया के सामने एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बने हुए हैं। जागरूकता अभियानों और स्वास्थ्य चेतावनियों के बावजूद करोड़ों लोग सिगरेट,...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

योग दिवस आयोजन को लेकर प्रशासन अलर्ट, विभागों के बीच समन्वय पर जोर

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल एवं भव्य आयोजन को लेकर जनपद स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में विकास...

‘हिलान्स’ सरसों तेल बना पहचान का प्रतीक, महिलाओं ने बदली आर्थिक तस्वीर

देहरादून जनपद के कालसी विकासखंड स्थित हरीपुर गांव में महिलाओं की मेहनत, लगन और सामूहिक नेतृत्व ने ग्रामीण उद्यमिता का एक प्रेरणादायक मॉडल स्थापित...

इंट्रो वीडियो के साथ ‘बेबी डू डाई डू’ की शानदार शुरुआत

अभिनेत्री हुमा कुरैशी एक बार फिर दमदार अंदाज में दर्शकों के सामने आने के लिए तैयार हैं। उनकी आगामी एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'बेबी डू डाई...

घंटों एक जगह बैठे रहने से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का जोखिम

बदलती जीवनशैली और बढ़ते काम के दबाव के बीच हृदय रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि...

Recent Comments