Saturday, March 7, 2026
Home स्वास्थ्य नींद टूटने की समस्या को न करें नजरअंदाज, हो सकती है गंभीर...

नींद टूटने की समस्या को न करें नजरअंदाज, हो सकती है गंभीर परेशानी

अक्सर लोग रात में नींद खुलने को मामूली परेशानी मानकर टाल देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत शरीर की गंभीर गड़बड़ियों की ओर इशारा कर सकती है। लगातार बाधित नींद न सिर्फ दिनभर की थकान बढ़ाती है, बल्कि लंबे समय में यह कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। चिकित्सा भाषा में बार-बार नींद टूटने की स्थिति को स्लीप फ्रैगमेंटेशन कहा जाता है, जिसे नजरअंदाज करना जोखिम भरा साबित हो सकता है।

क्यों बार-बार टूटती है नींद

रात में नींद बार-बार खुलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे गंभीर कारणों में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया शामिल है, जिसमें सोते समय सांस लेने में रुकावट आती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरता है और दिमाग आपको जगा देता है। तेज खर्राटे, अचानक सांस घुटने का अहसास या हांफते हुए नींद खुलना इसके प्रमुख लक्षण माने जाते हैं।

दिल और शुगर पर पड़ता है असर

विशेषज्ञों के अनुसार, गहरी नींद की कमी का सीधा असर हृदय पर पड़ता है। बार-बार नींद टूटने से तनाव हार्मोन बढ़ता है, जिससे उच्च रक्तचाप और दिल की धड़कन में गड़बड़ी का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही नींद की कमी इंसुलिन की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है, जिससे डायबिटीज का जोखिम बढ़ सकता है। रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना भी ब्लड शुगर असंतुलन का संकेत हो सकता है।

मानसिक तनाव भी बड़ी वजह

मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद भी नींद की गुणवत्ता को खराब करते हैं। इसके अलावा रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम जैसी समस्या में सोते समय पैरों में बेचैनी, झुनझुनी या खिंचाव महसूस होता है, जिससे नींद बार-बार टूट जाती है। यह परेशानी अक्सर आयरन की कमी या नसों से जुड़ी समस्याओं से संबंधित होती है।

कब हो जाएं सतर्क

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दो हफ्ते या उससे अधिक समय तक रात में नींद बार-बार टूट रही है, तो इसे चेतावनी संकेत मानना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

बेहतर नींद के लिए जरूरी कदम

अच्छी नींद के लिए नियमित सोने-जागने का समय तय करें, सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी बनाएं और तनाव कम करने की कोशिश करें। यदि समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेकर स्लीप स्टडी कराना फायदेमंद हो सकता है।

नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।

RELATED ARTICLES

युवा और बच्चे भी हो रहे सुनने की परेशानी का शिकार, जानिए क्या हैं कारण

आमतौर पर यह माना जाता है कि सुनने की क्षमता उम्र बढ़ने के साथ कम होती है, लेकिन अब यह समस्या केवल बुजुर्गों तक...

रंगों की होली में कॉन्टैक्ट लेंस से बढ़ सकता है आंखों का खतरा, समझें नुकसान

होली के रंगों के साथ मस्ती करना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन इस उत्साह में अक्सर लोग अपनी आंखों की सुरक्षा को...

बच्चे की मालिश कितनी फायदेमंद? डॉक्टरों ने बताया सच

नवजात शिशुओं की मालिश को लेकर हमारे समाज में कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। अक्सर यह माना जाता है कि नियमित मालिश से...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां तेज

हरिद्वार।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के 7 मार्च 2026 को प्रस्तावित हरिद्वार भ्रमण कार्यक्रम को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा तैयारियों को तेजी...

घर से मिलेगी महिला सशक्तिकरण को मजबूती: रेखा आर्या

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजभवन स्थित लोक भवन में आयोजित महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा सम्मान एवं ‘मेरी पहचान–2026’ कार्यक्रम में विभिन्न...

रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ का ट्रेलर 7 मार्च को आएगा सामने

फिल्म धुरंधर 2 को लेकर दर्शकों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। मेकर्स ने अब फिल्म के ट्रेलर रिलीज की तारीख का ऐलान कर...

चारधाम यात्रा-2026: श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू

देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया आज सुबह सात बजे से शुरू...

Recent Comments