Friday, July 24, 2026
Home स्वास्थ्य बच्चे की मालिश कितनी फायदेमंद? डॉक्टरों ने बताया सच

बच्चे की मालिश कितनी फायदेमंद? डॉक्टरों ने बताया सच

नवजात शिशुओं की मालिश को लेकर हमारे समाज में कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। अक्सर यह माना जाता है कि नियमित मालिश से बच्चा ज्यादा मजबूत, हेल्दी और तेजी से विकसित होता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इन धारणाओं में पूरी सच्चाई नहीं है। प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. माधवी भारद्वाज ने हाल ही में इस विषय पर जागरूकता बढ़ाते हुए बताया कि मालिश के फायदे अलग हैं और उससे जुड़ी कई मान्यताएं गलतफहमी पर आधारित हैं।

डॉ. माधवी के अनुसार, बच्चे की मालिश का असली उद्देश्य उसके साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाना, आंखों के संपर्क के जरिए संवाद बनाना और त्वचा को पोषण देना होता है। कई बार लोग बहुत तेज या ज्यादा दबाव के साथ मालिश करते हैं, जिससे बच्चे को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए हल्के हाथों से और सही तरीके से मालिश करना जरूरी है।

विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि मालिश का बच्चे की हड्डियों की मजबूती या मांसपेशियों के विकास पर सीधा असर नहीं पड़ता। यानी यह सोच गलत है कि मालिश न करने से बच्चा कमजोर रह जाएगा।

क्या मालिश से सिर का आकार बदल सकता है?
डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे के सिर का आकार मालिश या विशेष तकिए से नहीं बदलता। इसके लिए बच्चे की पोजिशन समय-समय पर बदलना ज्यादा प्रभावी होता है। सिर पर दबाव डालना सुरक्षित नहीं होता।

क्या मालिश से बच्चा जल्दी चलना या रेंगना सीखता है?
मालिश का बच्चे के विकास के पड़ावों जैसे बैठना, रेंगना या चलना सीखने से सीधा संबंध नहीं है। ये चीजें मुख्य रूप से जेनेटिक्स और बच्चे को मिलने वाले अवसरों पर निर्भर करती हैं। अगर बच्चे को पर्याप्त मूवमेंट का मौका नहीं मिलता, तो उसका विकास धीमा हो सकता है।

क्या मालिश से वजन बढ़ता है या पैर सीधे होते हैं?
डॉ. माधवी के अनुसार, बच्चे का वजन उसके आनुवंशिक गुणों पर निर्भर करता है, न कि मालिश पर। जन्म के समय बच्चों के पैर हल्के मुड़े हुए होते हैं, जो समय के साथ खुद ही सीधे हो जाते हैं। इसमें मालिश की कोई भूमिका नहीं होती।

तो क्या मालिश जरूरी नहीं है?
मालिश को पूरी तरह नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे माता-पिता और बच्चे के बीच जुड़ाव मजबूत होता है। साथ ही बच्चा रिलैक्स महसूस करता है, उसकी त्वचा स्वस्थ रहती है और वह धीरे-धीरे अपने शरीर को मूव करना भी सीखता है।

अंत में यह समझना जरूरी है कि मालिश को चमत्कारिक उपाय की तरह न देखें। यह बच्चे की देखभाल का एक हिस्सा है, लेकिन उसका संपूर्ण विकास प्राकृतिक प्रक्रियाओं और सही माहौल पर ही निर्भर करता है।

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