Friday, July 24, 2026
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रंगों की होली में कॉन्टैक्ट लेंस से बढ़ सकता है आंखों का खतरा, समझें नुकसान

होली के रंगों के साथ मस्ती करना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन इस उत्साह में अक्सर लोग अपनी आंखों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। खासतौर पर कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों के लिए यह लापरवाही गंभीर समस्या बन सकती है, क्योंकि केमिकल युक्त रंग आंखों को गहरा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर होली खेलना सुरक्षित नहीं माना जाता। बाजार में मिलने वाले कई रंगों में हानिकारक रसायन, भारी धातुएं और बारीक कण मौजूद होते हैं। जब ये रंग लेंस के संपर्क में आते हैं, तो लेंस उन्हें सोख लेते हैं और ये रसायन लंबे समय तक आंखों के संपर्क में बने रहते हैं, जिससे कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है।

डॉक्टरों के मुताबिक होली खेलते समय लेंस की बजाय चश्मा पहनना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है। चश्मा आंखों को बाहरी कणों और रंगों से बचाने में मदद करता है। अगर कोई व्यक्ति लेंस पहनकर रंगों के संपर्क में आता है, तो आंखों में जलन, संक्रमण और गंभीर स्थिति में कॉर्नियल अल्सर जैसी समस्या भी हो सकती है।

दरअसल, कॉन्टैक्ट लेंस की सतह छिद्रयुक्त होती है, जो रंगों में मौजूद केमिकल को अपने अंदर समाहित कर लेती है। इससे आंखों में जलन, लालिमा और केमिकल बर्न का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, लेंस की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है, जिससे देखने में धुंधलापन आ सकता है।

यदि रंग लेंस और आंख के बीच फंस जाए, तो यह कॉर्निया पर रगड़ पैदा करता है, जिससे उसकी ऊपरी परत को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा, इस स्थिति में बैक्टीरिया पनपने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे संक्रमण और पस बनने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

अगर गलती से आंख में रंग चला जाए, तो तुरंत लेंस को निकालकर आंखों को साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। कम से कम 10 से 15 मिनट तक आंखों को धोना जरूरी है और इस दौरान आंखों को रगड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे स्थिति और खराब हो सकती है।

यदि आंखों में लालिमा, जलन, पानी आना या धुंधलापन महसूस हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। घरेलू उपायों से बचना बेहतर होता है, क्योंकि गलत तरीके स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार आंखों की चोट के बाद शुरुआती कुछ घंटे इलाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।

(यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है, किसी भी समस्या की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।)

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