Friday, July 24, 2026
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हार्ट अटैक आने पर जोर-जोर से खांसने से बच सकती है जान, क्या वाकई इसमें है कोई हकीकत?

हार्ट अटैक अक्सर जानलेवा साबित होता है. हार्ट अटैक आने पर डॉक्टर मरीज को फर्स्ट एड देने के साथ साथ तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह देते हैं। देखा जाए तो सीपीआर और फर्स्ट एड के जरिए मौके पर मरीज को थोड़ी राहत मिल सकती है लेकिन उसे अस्पताल ले जाना जरूरी हो जाता है. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है जिसमें कहा जा रहा है कि हार्ट अटैक आने पर मरीज जोर जोर से खांस कर अपनी जान बचा सकता है।

इस प्रोसेस को कफ सीपीआर का नाम भी दिया गया है. लेकिन क्या वाकई ऐसा है. अगर ये सच है तो इस संबंध में डॉक्टर क्या कहते हैं। चलिए जानते हैं सोशल मीडिया पर हार्ट अटैक को लेकर किए जा रहे इस दावे की सच्चाई क्या है।

क्या जोर जोर से खांसकर हार्ट अटैक में बच सकती है जान?
बिल्कुल नहीं, ये एक गलत और भ्रामक दावा है. डॉक्टर कहते हैं कि कफ सीपीआर जैसी कोई चीज नहीं है. हार्ट अटैक के दौरान जोर जोर से खांस कर मरीज की जान नहीं बचाई जा सकती है. ना ही तेजी से सांस लेने से कोई फायदा हो सकता है. डॉक्टर कहते हैं कि कफ सीपीआर जैसी कोई मेडिकल टर्म नहीं है जिसके जरिए मरीज की जान बचाई जा सकती है।

आपको बता दें कि उक्त वायरल पोस्ट में कहा गया था कि अगर सीने में दर्द हो,जबड़े में दर्द फील हो रहा हो तो ये हार्ट अटैक हो सकता है. इस दौरान कोई मदद के लिए मौजूद नहीं है तो व्यक्ति को जोर जोर से खांसना चाहिए और लंबी लंबी सांस लेनी चाहिए. ऐसा करने से फेफड़ों को ऑक्सीजन मिलेगी और जान बच सकेगी।

हार्ट अटैक आने पर क्या करना चाहिए  
आपको बता दें कि इससे पहले सोशल मीडिया पर ही एक और वायरल पोस्ट चली थी जिसमें कहा गया था कि हार्ट अटैक आने पर अदरक खाने से जान बच सकती है. डॉक्टरों की सलाह है कि ऐसे किसी भी दावे पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए. हार्ट अटैक गंभीर स्थिति होती है. इस दौरान सुनी सुनाई बातों पर विश्वास और अमल करने से पहले मरीज को प्रशिक्षित व्यक्ति के जरिए सीपीआर देनी चाहिए और संभव है तो तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।

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