Saturday, April 25, 2026
Home स्वास्थ्य हार्ट अटैक आने पर जोर-जोर से खांसने से बच सकती है जान,...

हार्ट अटैक आने पर जोर-जोर से खांसने से बच सकती है जान, क्या वाकई इसमें है कोई हकीकत?

हार्ट अटैक अक्सर जानलेवा साबित होता है. हार्ट अटैक आने पर डॉक्टर मरीज को फर्स्ट एड देने के साथ साथ तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह देते हैं। देखा जाए तो सीपीआर और फर्स्ट एड के जरिए मौके पर मरीज को थोड़ी राहत मिल सकती है लेकिन उसे अस्पताल ले जाना जरूरी हो जाता है. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है जिसमें कहा जा रहा है कि हार्ट अटैक आने पर मरीज जोर जोर से खांस कर अपनी जान बचा सकता है।

इस प्रोसेस को कफ सीपीआर का नाम भी दिया गया है. लेकिन क्या वाकई ऐसा है. अगर ये सच है तो इस संबंध में डॉक्टर क्या कहते हैं। चलिए जानते हैं सोशल मीडिया पर हार्ट अटैक को लेकर किए जा रहे इस दावे की सच्चाई क्या है।

क्या जोर जोर से खांसकर हार्ट अटैक में बच सकती है जान?
बिल्कुल नहीं, ये एक गलत और भ्रामक दावा है. डॉक्टर कहते हैं कि कफ सीपीआर जैसी कोई चीज नहीं है. हार्ट अटैक के दौरान जोर जोर से खांस कर मरीज की जान नहीं बचाई जा सकती है. ना ही तेजी से सांस लेने से कोई फायदा हो सकता है. डॉक्टर कहते हैं कि कफ सीपीआर जैसी कोई मेडिकल टर्म नहीं है जिसके जरिए मरीज की जान बचाई जा सकती है।

आपको बता दें कि उक्त वायरल पोस्ट में कहा गया था कि अगर सीने में दर्द हो,जबड़े में दर्द फील हो रहा हो तो ये हार्ट अटैक हो सकता है. इस दौरान कोई मदद के लिए मौजूद नहीं है तो व्यक्ति को जोर जोर से खांसना चाहिए और लंबी लंबी सांस लेनी चाहिए. ऐसा करने से फेफड़ों को ऑक्सीजन मिलेगी और जान बच सकेगी।

हार्ट अटैक आने पर क्या करना चाहिए  
आपको बता दें कि इससे पहले सोशल मीडिया पर ही एक और वायरल पोस्ट चली थी जिसमें कहा गया था कि हार्ट अटैक आने पर अदरक खाने से जान बच सकती है. डॉक्टरों की सलाह है कि ऐसे किसी भी दावे पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए. हार्ट अटैक गंभीर स्थिति होती है. इस दौरान सुनी सुनाई बातों पर विश्वास और अमल करने से पहले मरीज को प्रशिक्षित व्यक्ति के जरिए सीपीआर देनी चाहिए और संभव है तो तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।

RELATED ARTICLES

थोड़ी सी चढ़ाई में ही सांस फूलती है? खानपान में करें ये बदलाव

आजकल कई लोग सीढ़ियां चढ़ते समय जल्दी थकान या सांस फूलने की शिकायत करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह केवल बढ़ती उम्र का संकेत...

बच्चों की बढ़ती मोबाइल लत बन सकती है खतरा, जानिए इसके नुकसान

आज के दौर में मोबाइल फोन बच्चों के लिए खिलौना नहीं, बल्कि एक आदत बन चुका है। कई बच्चे ऐसे हैं जो बिना फोन...

अमरूद: पेट की दिक्कतों, डायबिटीज और सर्दी-जुकाम में फायदेमंद फल

आजकल बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ती बीमारियों के बीच सही खानपान का चुनाव बेहद जरूरी हो गया है। खासकर डायबिटीज, सर्दी-जुकाम और पाचन संबंधी समस्याओं...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम स्वराज...

महिला जन आक्रोश रैली में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, देहरादून में जुटी भीड़

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी में शुक्रवार को महिला जन आक्रोश रैली के माध्यम से मातृशक्ति की आवाज बुलंद नजर आई। परेड ग्राउंड में आयोजित इस...

टिहरी सड़क दुर्घटना पर पीएम मोदी ने व्यक्त किया दुःख

टिहरी गढ़वाल। टिहरी जनपद में हुई वाहन दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की...

एआई की मदद से बनी ‘द्रोणाचार्य’ फिल्म का ट्रेलर लॉन्च

एआई तकनीक से तैयार की गई नई फिल्म ‘द्रोणाचार्य’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है, जिसने रिलीज होते ही दर्शकों के बीच उत्सुकता...

Recent Comments