Friday, July 24, 2026
Home स्वास्थ्य टूथब्रश किसी से न करें शेयर नहीं तो हो जाएगी यह दिमाग...

टूथब्रश किसी से न करें शेयर नहीं तो हो जाएगी यह दिमाग की बीमारी, कुछ ऐसे होते हैं लक्षण

मैनिजाइटिस दिमाग से जुड़ी बीमारी है यह ब्रेन को इफेक्ट करता है। मैनिजाइटिस में ब्रेन के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी के आसपास जो लिक्विड और झिल्लियां होते हैं उसमें सूजन आ जाते हैं। इन झिल्लियों को मेनिन्जेस कहते हैं मैनिजाइटिस में होने वाले सूजन ज्यादातर सिरदर्द, बुखार और गर्दन के अकडऩ पैदा करते हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसकी शुरुआती कैसे होती है साथ ही यह भी जानेंगे कि इससे बचने का क्या तरीका है?

मैनिंजाइटिस का कारण
बैक्टीरियल मैनिंजाइटिस में बैक्टीरिया खून में चला जाता है जिसके कारण दिमाग और रीढ़ की हड्डी तक पहुंच जाता है। बैक्टीरियल मैनिंजाइटिस के कई कारण होते हैं. इसके कारण बैक्टीरियल साइनस और निमोनिया भी हो सकता है।

क्रोनिक मैनिंजाइटिस
क्रोनिक मैनिंजाइटिस काफी लंबे समय तक शरीर में रहता है.  माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस यह धीरे-धीरे पूरे शरीर को अपना शिकार बना लेता है। यह दिमाग और रीढ़ की हड्डियों के पास की झिल्लियों को काफी ज्यादा प्रभावित करता है.  क्रोनिक मैनिंजाइटिस होने में दो सप्ताह या उससे अधिक दिन का वक्त लग सकता है। इसके अलावा ये  इन्फ्लूएंजा वायरस की वजह से भी हो सकता है. और फिर आपके ब्रेन तक पहुंच सकता है।

मैनिंजाइटिस के कारण
मैनिंजाइटिस के कई कारण हो सकते हैं. जब बच्चा मां के पेट में रहता है और उस वक्त अगर ठीक से ख्याल न रखा जाए जो फीटल के जरिए हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस, एचआईवी, मम्प्स वायरस, वेस्ट नाइल वायरस मैंनिजाइटिस हो सकता है।

मैनिंजाइटिस के लक्षण
मैनिंजाइटिस होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं. जैसे- तेज बुखार, ब्रेन में इंफेक्शन। इसके अलावा रीढ़ की हड्डी में सूजन, सिर में दर्द रहना, गले में अकडऩ, उल्टी, दौरे पडऩा, भूख न लगना और भी कई सारे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

मैनिंजाइटिस से बचना है तो करें ये काम
मैनिंजाइटिस से बचना है तो हाइजीन का खास ख्याल रखें. जैसे- हाथों की सफाई करना, खांसने और छींकने के दौरान मुंह को कवर करना। बैक्टीरिया या वायरस आपके मुंह में घुस तो नहीं रहा है इसका ख्याल रखना। खांसने, छींकने, किस करने या खाने के बर्तन, टूथब्रश या सिगरेट शेयर करने के कारण भी मैनिंजाइटिस बढ़ सकता है. साथ ही छोटे बच्चों के इसका टीका जरूर लगवाएं।

RELATED ARTICLES

मानसून में भीगना पड़ सकता है भारी, स्किन और बालों की सुरक्षा है जरूरी

मानसून की फुहारें गर्मी से राहत तो देती हैं, लेकिन बिना सावधानी के बारिश में भीगना आपकी त्वचा और बालों की सेहत पर असर...

क्या आप सही तरीके से नहाते हैं? पहले किस अंग पर पानी डालना चाहिए, जानें

नहाना सिर्फ शरीर की सफाई का तरीका नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आदत भी माना जाता है। आयुर्वेद में स्नान को दैनिक...

डायबिटीज का नया जोखिम सामने आया, सिर्फ मोटापा ही नहीं मांसपेशियों की कमजोरी भी जिम्मेदार

14 साल तक 4.79 लाख लोगों पर हुई रिसर्च, शरीर में ज्यादा फैट और कमजोर मांसपेशियों वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम सबसे...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने 25 जुलाई तक शेष कार्य निपटाने के निर्देश दिए

पौड़ी:  आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों तथा...

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के निर्णय का सीएम धामी ने किया स्वागत

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने...

‘द स्कैम-लीक्ड’ का दमदार टीजर आउट, छात्रों के संघर्ष और पेपर लीक का दर्द आएगा नजर

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी बहस के बीच अब इसी विषय पर आधारित एक...

श्रमिक कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – मुख्यमंत्री धामी

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अनेक नई कल्याणकारी...

Recent Comments