Sunday, April 26, 2026
Home स्वास्थ्य वर्क फ्रॉम होम की तुलना में वर्क फ्रॉम ऑफिस मानसिक स्वास्थ्य के...

वर्क फ्रॉम होम की तुलना में वर्क फ्रॉम ऑफिस मानसिक स्वास्थ्य के लिए अधिक फायदेमंद, स्टडी में जानें कारण

कोरोना महामारी के दौरान दुनिया भर में लोगों ने बाहर जाकर काम करने की बजाय घर से ही काम किया । उस दौर में वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ा और लोगों को इससे फायदा भी हुआ. इतने दिनों बाद भी कई कंपनियां हैं जो अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का ऑप्शन दे रही हैं । लेकिन लंबे समय तक वर्क फ्रॉम होम करने से लोगों की मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ा है. हाल ही में कराई गई एक स्टडी में पता चला है कि मेंटल हेल्थ को दुरुस्त रखने में वर्क फ्रॉम होम की जगह वर्क फ्रॉम ऑफिस ज्यादा बेहतर है ।

हाल ही में ग्लोबल स्तर पर कराई गई एक स्टडी में कहा गया है कि भारत में ऑफिस में काम करने वाले इम्पलॉयी की मेंटल हेल्थ घर से काम करने वालों की अपेक्षा अच्छी रहती है । इसमें कहा गया है कि यूरोप और अमेरिका के उलट भारत में दफ्तर से काम करने वालों को मानसिक सुकून मिलता है । यहां दफ्तर से काम करने वाले लोग घर से काम करने वाले या हाईब्रिड माहौल में काम करने वालों की अपेक्षा कम तनाव में रहते हैं ।

यूरोप और अमेरिका की बात करें तो स्टडी कहती है कि इन जगहों पर हाइब्रिड माहौल में काम करने वाले लोगों की मेंटल हेल्थ की अच्छी ग्रोथ होती है. अमेरिका में सेपियंस लैब में वर्क कल्चर एंड मेंटल वेलबीइंग द्वारा ये स्टडी करवाई गई थी. इस स्टडी के तहत करीब 55 हजार कर्मचारियों को इस रिसर्च में शामिल किया गया ।

इस स्टडी में पाया गया कि अकेले काम करने वालों की अपेक्षा टीम में काम करने वाले लोगों की मेंटल हेल्थ ज्यादा अच्छी थी. वहीं दूसरी तरफ टीम के आकार और मेंटल हेल्थ में ग्रोथ की बात करें तो इस मामले में  दूसरे देश भारत से ज्यादा बेहतर हैं. इस स्टडी में कोशेंट नामक नजरिए को एड किया गया ।

आपको बता दें कि वर्क लाइफ को बेहतर करने वाले पहलुओं में टीम भावना, प्रेशर,  स्ट्रेस, कंपटीशन, टॉक्सिक एनवायरमेंट, आपसी रिलेशनशिप, अपने काम के प्रति गर्व महसूस करना, लैंगिक भेदभाव, काम के प्रति रुचि आदि पहलू शामिल हैं ।

RELATED ARTICLES

थोड़ी सी चढ़ाई में ही सांस फूलती है? खानपान में करें ये बदलाव

आजकल कई लोग सीढ़ियां चढ़ते समय जल्दी थकान या सांस फूलने की शिकायत करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह केवल बढ़ती उम्र का संकेत...

बच्चों की बढ़ती मोबाइल लत बन सकती है खतरा, जानिए इसके नुकसान

आज के दौर में मोबाइल फोन बच्चों के लिए खिलौना नहीं, बल्कि एक आदत बन चुका है। कई बच्चे ऐसे हैं जो बिना फोन...

अमरूद: पेट की दिक्कतों, डायबिटीज और सर्दी-जुकाम में फायदेमंद फल

आजकल बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ती बीमारियों के बीच सही खानपान का चुनाव बेहद जरूरी हो गया है। खासकर डायबिटीज, सर्दी-जुकाम और पाचन संबंधी समस्याओं...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ ओपनिंग डे पर रही धीमी, पहले दिन कलेक्शन रहा सीमित

रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक शुरुआत नहीं की है। पहले दिन ही फिल्म को दर्शकों की...

उत्तराखंड बोर्ड में पास विद्यार्थियों को सीएम धामी की शुभकामनाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए...

टिहरी हादसे के बाद राहत की घोषणा: पीएम मोदी और धामी सरकार ने किया सहायता पैकेज जारी

देहरादून।टिहरी गढ़वाल में हुए दर्दनाक वाहन हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत...

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी: 10वीं-12वीं में उच्च सफलता दर, बेटियों ने फिर दिखाया दम

देहरादून, 25 अप्रैल 2026।उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। परिणाम रामनगर स्थित परिषद मुख्यालय...

Recent Comments