Friday, July 24, 2026
Home स्वास्थ्य थोड़ी सी चढ़ाई में ही सांस फूलती है? खानपान में करें ये...

थोड़ी सी चढ़ाई में ही सांस फूलती है? खानपान में करें ये बदलाव

आजकल कई लोग सीढ़ियां चढ़ते समय जल्दी थकान या सांस फूलने की शिकायत करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह केवल बढ़ती उम्र का संकेत नहीं, बल्कि शरीर में पोषण की कमी, कमजोर मांसपेशियां या कम सहनशक्ति का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में खानपान में कुछ जरूरी बदलाव करके शरीर की ऊर्जा और फेफड़ों की क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है।

संतुलित आहार न सिर्फ शरीर को ताकत देता है, बल्कि दिल और फेफड़ों को भी बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। आइए जानते हैं ऐसे कौन से खाद्य पदार्थ हैं, जिन्हें रोजाना की डाइट में शामिल कर सीढ़ियां चढ़ते समय होने वाली सांस फूलने की समस्या को कम किया जा सकता है।

दूध और डेयरी उत्पाद
दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम देते हैं। ये हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ मांसपेशियों को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे जल्दी थकान नहीं होती।

हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी और सरसों जैसी सब्जियों में आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है, जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और सांस फूलने की समस्या कम हो सकती है।

मौसमी फल
केला, सेब, संतरा और पपीता जैसे फल शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं। इनमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स शरीर की कमजोरी दूर करने में मददगार होते हैं।

नट्स और बीज
बादाम, अखरोट, अलसी और सूरजमुखी के बीज शरीर को हेल्दी फैट और प्रोटीन देते हैं। इनके सेवन से शरीर की सहनशक्ति बढ़ती है और दिल भी स्वस्थ रहता है।

प्रोटीन युक्त आहार
अंडे, दालें, सोयाबीन और चिकन जैसे खाद्य पदार्थ मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं। नियमित रूप से प्रोटीन लेने से शरीर ज्यादा एक्टिव रहता है और सीढ़ियां चढ़ते समय कमजोरी कम महसूस होती है।

साबुत अनाज
ओट्स, दलिया और ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं। ये ब्लड शुगर को संतुलित रखते हैं और शरीर को जल्दी थकने नहीं देते।

पर्याप्त पानी
शरीर में पानी की कमी होने पर भी जल्दी सांस फूलने लगती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त पानी और नारियल पानी जैसे हाइड्रेटिंग ड्रिंक लेना जरूरी है।

नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लगातार बने रहने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

RELATED ARTICLES

मानसून में भीगना पड़ सकता है भारी, स्किन और बालों की सुरक्षा है जरूरी

मानसून की फुहारें गर्मी से राहत तो देती हैं, लेकिन बिना सावधानी के बारिश में भीगना आपकी त्वचा और बालों की सेहत पर असर...

क्या आप सही तरीके से नहाते हैं? पहले किस अंग पर पानी डालना चाहिए, जानें

नहाना सिर्फ शरीर की सफाई का तरीका नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आदत भी माना जाता है। आयुर्वेद में स्नान को दैनिक...

डायबिटीज का नया जोखिम सामने आया, सिर्फ मोटापा ही नहीं मांसपेशियों की कमजोरी भी जिम्मेदार

14 साल तक 4.79 लाख लोगों पर हुई रिसर्च, शरीर में ज्यादा फैट और कमजोर मांसपेशियों वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम सबसे...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने 25 जुलाई तक शेष कार्य निपटाने के निर्देश दिए

पौड़ी:  आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों तथा...

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के निर्णय का सीएम धामी ने किया स्वागत

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने...

‘द स्कैम-लीक्ड’ का दमदार टीजर आउट, छात्रों के संघर्ष और पेपर लीक का दर्द आएगा नजर

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी बहस के बीच अब इसी विषय पर आधारित एक...

श्रमिक कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – मुख्यमंत्री धामी

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अनेक नई कल्याणकारी...

Recent Comments