Sunday, March 8, 2026
Home उत्तराखंड उत्तराखंड में 9 नवंबर को यूसीसी का लागू होना: जानें इसके विशेष...

उत्तराखंड में 9 नवंबर को यूसीसी का लागू होना: जानें इसके विशेष पहलू

देहरादून। उत्तराखंड में अब जल्द ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने जा रहा है। आज शुक्रवार(18 अक्तूबर) को विशेषज्ञ समिति ने यूसीसी नियमावली का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप दिया है। सीएम धामी ने कहा कि सभी को समान न्याय और  समान अवसर मिले इसके लिए यूसीसी लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में घोषणा की थी कि सरकार नौ नवंबर को उत्तराखंड स्थापना दिवस पर यूसीसी लागू करना चाहती है। ऐसे में अब समीति के फाइनल नियमावली का ड्राफ्ट साैंपने के बाद पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि यूसीसी उत्तराखंड में नाै नवंबर को लागू हो जाएगा।

यूसीसी में ये है खास

नियमावली में मुख्य रूप से चार भाग हैं। जिसमें विवाह एवं विवाह-विच्छेद लिव-इन रिलेशनशिप, जन्म एवं मृत्य पंजीकरण तथा उत्तराधिकार संबंधी नियमों के पंजीकरण संबंधी प्रक्रियाएं हैं।

जन सामान्य की सुलभता को देखते हुए यूसीसी के लिए एक पोर्टल और मोबाइल एप भी तैयार की गई है, इसमें पंजीकरण और अपील आदि की समस्त सुविधाएं जन सामान्य को ऑनलाईन माध्यम से सुलभ हो सके।
घोषणा से कानून बनने तक का सफर 
  • 12 फरवरी 2022 को विस चुनाव के दौरान सीएम धामी ने यूसीसी की घोषणा की।
  • मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में यूसीसी लाए जाने पर फैसला।
  • मई 2022 में सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनी।
  • समिति ने 20 लाख सुझाव ऑफलाइन और ऑनलाइन प्राप्त किए।
  • 2.50 लाख लोगों से समिति ने सीधा संवाद किया।
  • 02 फरवरी 2024 को विशेषज्ञ समिति ने ड्राफ्ट रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी।
  • 06 फरवरी को विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश हुआ।
  • 07 फरवरी को विधेयक विधानसभा से पारित हुआ।
  • राजभवन ने विधेयक को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेजा।
  • 11 मार्च को राष्ट्रपति ने यूसीसी विधेयक को अपनी मंजूरी दी।
  • यूसीसी कानून के नियम बनाने के लिए एक समिति का गठन।
  • नियमावली एवं क्रियान्वयन समिति ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों संस्करणों में आज 18 अक्तूबर 2024 को राज्य सरकार को नियमावली साैंपी।

यूसीसी लागू होगा तो यह आएंगे बदलाव

  • सभी धर्म-समुदायों में विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत के लिए एक ही कानून।
  • 26 मार्च 2010 के बाद से हर दंपती के लिए तलाक व शादी का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, महानगर पालिका स्तर पर पंजीकरण की सुविधा।
  • पंजीकरण न कराने पर अधिकतम 25,000 रुपये का जुर्माना।
  • पंजीकरण नहीं कराने वाले सरकारी सुविधाओं के लाभ से भी वंचित रहेंगे।
  • विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 और लड़की की 18 वर्ष होगी।
  • महिलाएं भी पुरुषों के समान कारणों और अधिकारों को तलाक का आधार बना सकती हैं।
  • हलाला और इद्दत जैसी प्रथा खत्म होगी। महिला का दोबारा विवाह करने की किसी भी तरह की शर्तों पर रोक होगी।
  • कोई बिना सहमति के धर्म परिवर्तन करता है तो दूसरे व्यक्ति को उस व्यक्ति से तलाक लेने व गुजारा भत्ता लेने का अधिकार होगा।
  • एक पति और पत्नी के जीवित होने पर दूसरा विवाह करना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
  • पति-पत्नी के तलाक या घरेलू झगड़े के समय पांच वर्ष तक के बच्चे की कस्टडी उसकी माता के पास रहेगी।
  • संपत्ति में बेटा और बेटी को बराबर अधिकार होंगे।
  • जायज और नाजायज बच्चों में कोई भेद नहीं होगा।
  • नाजायज बच्चों को भी उस दंपती की जैविक संतान माना जाएगा।
  • गोद लिए, सरगोसी से असिस्टेड री प्रोडेक्टिव टेक्नोलॉजी से जन्मे बच्चे जैविक संतान होंगे।
  • किसी महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे के संपत्ति में अधिकार संरक्षित रहेंगे।
  • कोई व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को वसीयत से अपनी संपत्ति दे सकता है।
  • लिव इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए वेब पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
  • युगल पंजीकरण रसीद से ही किराया पर घर, हॉस्टल या पीजी ले सकेंगे।
  • लिव इन में पैदा होने वाले बच्चों को जायज संतान माना जाएगा और जैविक संतान के सभी अधिकार मिलेंगे।
  • लिव इन में रहने वालों के लिए संबंध विच्छेद का भी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • अनिवार्य पंजीकरण न कराने पर छह माह के कारावास या 25 हजार जुर्माना या दोनों का प्रावधान होंगे।

RELATED ARTICLES

देश के विकास और बेहतर शासन के लिए केंद्र सरकार प्रयासरत: अमित शाह

हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने...

टिहरी झील को विश्व मानचित्र पर पर्यटन-खेल के हब के रूप में विकसित किया जाएगा: मुख्यमंत्री

टिहरी।पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हो...

केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां तेज

हरिद्वार।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के 7 मार्च 2026 को प्रस्तावित हरिद्वार भ्रमण कार्यक्रम को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा तैयारियों को तेजी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

बॉक्स ऑफिस पर ‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की फीकी शुरुआत, पहले दिन नहीं जुटा पाई बड़ी कमाई

फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन की बतौर निर्माता नई फिल्म चरक: फियर ऑफ फेथ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसे विषयों...

पथरी की समस्या को नजरअंदाज न करें, समय रहते उपचार कराना जरूरी

बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह...

देश के विकास और बेहतर शासन के लिए केंद्र सरकार प्रयासरत: अमित शाह

हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने...

टिहरी झील को विश्व मानचित्र पर पर्यटन-खेल के हब के रूप में विकसित किया जाएगा: मुख्यमंत्री

टिहरी।पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हो...

Recent Comments