Saturday, July 25, 2026
Home उत्तराखंड कॉट्न बड्स से कानों को साफ करना हम सेफ मानते हैं, लेकिन...

कॉट्न बड्स से कानों को साफ करना हम सेफ मानते हैं, लेकिन जान लीजिए इससे होने वाले नुकसान

कान हो या नाक, पानी, हवा, धूल मिट्टी से गंदगी जमने लगती है। कानों में जमा होने वाली गंदगी को ईयरवैक्स कहते हैं। कई लोग आज भी माचिस की तीली का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कुछ लोग कॉट्न ईयर बड्स का इस्तेमाल करते हैं।

जब भी आप कान साफ करने के लिए तीली या लकड़ी का इस्तेमाल करते होंगे तो घर में कहा जाता है कि अरे कान का चादर फट जाएगा कॉट्न ईयर बड्स सेफ होता है उससे करना ठीक रहेगा। लेकिन आज अपने आर्टिकल के जरिए बताएंगे क्या कॉट्न बड्स वाकई में कान के लिए सेफ है। क्या इसके इस्तेमाल से कान सही में साफ हो जाता है। खासकर शहर में लोग कॉट्न बड्स का इस्तेमाल करते हैं। आइए जानते हैं इससे होने वाले नुकसान के बारे में।

कॉट्न बड्स से होते हैं ये नुकसान

डॉक्टर के मुताबिक कॉट्न बड्स से कान साफ करना ठीक नहीं होता है। कॉट्न बड्स को जब कान के अंदर डालते हैं तो वह गंदगी को बाहर निकालने के बजाय पीछे की तरफ धकेल देता है। जिससे कान में इंफेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है. साथ ही साथ इससे कान जख्मी भी हो सकता है. कॉट्न बड्स से कान के अंदर की परत को भी नुकसान पहुंच सकता है। इससे आपकी सुनने की क्षमता को भी नुकसान पहुंच सकता है।

ईयर कैनाल में चली जाती है गंदगी
कान में ईयरवैक्स बनते हैं। यह एक तरह से कानों को प्रोटेक्ट भी करता है। लेकिन अगर यह जरूरत से ज्यादा बन जाए तो कानों को नुकसान भी पहुंचाता है। लोग कॉट्न बड्स से कान तो साफ कर लेते हैं लेकिन इसमें मौजूद गंदगी ईयर कैनाल के अंदर चली जाती है. जिसके कारण बैक्टीरिया का कान के अंदर जाने का रिस्क रहता है।

यह बैक्टीरिया इतने ज्यादा खतरनाक होते हैं कि इससे कान के पर्दे को खतरनाक नुकसान भी होने लगता है। शुरुआत में कान के अंदर बैक्टीरिया या गंदगी चला जाता है तो शुरुआत में पता नहीं चलता है और खुजली होने लगता है। ऐसे में गंदगी बढऩे लगती है। जो कान के अंदर कई खतरनाक बीमारी कर सकती है। ऐसी स्थिति में कॉट्न बड्स का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। खासकर बच्चे और बुजुर्गों को तो भूल से कॉट्न बड्स का इस्तेमाल कान पर नहीं करना चाहिए।

खुद ही निकल जाता है कान का मैल
भगवान ने इंसान का शरीर ऐसा बनाया है जो एक टाइम के बाद खुद साफ हो जाता है। ऐसा ही कुछ मामला कान के साथ है। अगर आप उसे छोड़ देंगे तो वह खुद- ब- खुद साफ हो जाता है। एक टाइम के बाद इसमें होने वाले वैक्स खुद निकल जाते हैं. ऐसा एकदम जरूरी नहीं है कि आप हर रोज कान साफ करें।

कैसे करें कान की सफाई
कान की सबसे अच्छी सफाई है इसमें सबसे पहले तेल डालें। बेबी ऑयल बेहतर होता है। कान में तेल डालने से जो भी गंदगी होती है वह बाहर की तरफ आ जाती है, जिसे आप किसी भी कपड़े की मदद से आसानी से साफ कर सकते हैं। जरूरी नहीं है कि आप नहाते वक्त कान को  साफ करें। क्योंकि नहाते वक्त कान में पानी चला जाता है।

RELATED ARTICLES

मुख्यमंत्री का सख्त संदेश—जन समस्याओं का समाधान तय समय सीमा में करें अधिकारी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं...

फिल्म अभिनेता अमन वर्मा ने फिल्म विकास परिषद के अधिकारियों के साथ की चर्चा

देहरादून। बॉलीवुड फिल्म अभिनेता अमन वर्मा ने शुक्रवार को रिंग रोड़, लाडपुर स्थित उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के कार्यालय में उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के...

महायोजना-2041 को लेकर फिर होगी जनसुनवाई, हर नागरिक की राय को मिलेगा महत्व

देहरादून – देहरादून की विकास यात्रा को वर्ष 2041 तक नई दिशा देने वाली महायोजना-2041 में आम जनता की भागीदारी को और मजबूत बनाने के...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

मुख्यमंत्री का सख्त संदेश—जन समस्याओं का समाधान तय समय सीमा में करें अधिकारी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं...

फिल्म अभिनेता अमन वर्मा ने फिल्म विकास परिषद के अधिकारियों के साथ की चर्चा

देहरादून। बॉलीवुड फिल्म अभिनेता अमन वर्मा ने शुक्रवार को रिंग रोड़, लाडपुर स्थित उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के कार्यालय में उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के...

महायोजना-2041 को लेकर फिर होगी जनसुनवाई, हर नागरिक की राय को मिलेगा महत्व

देहरादून – देहरादून की विकास यात्रा को वर्ष 2041 तक नई दिशा देने वाली महायोजना-2041 में आम जनता की भागीदारी को और मजबूत बनाने के...

मुख्यमंत्री धामी ने कहा- वन्यजीव पर्यटन बने ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक लेते हुए, प्रदेश में मानव...

Recent Comments