Friday, July 24, 2026
Home स्वास्थ्य बहुत कोशिश के बाद भी नहीं हो रहा वेट लॉस, तो जानें...

बहुत कोशिश के बाद भी नहीं हो रहा वेट लॉस, तो जानें कौन सी बीमारियां कभी वजन नहीं होने देती है कम

बहुत से लोग वजन कम करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ को अपना वजन कम करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि आखिर कौन सी वे बीमारियां हैं जो हमारे शरीर को वजन घटाने से रोकती हैं। कुछ स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं जो हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल संतुलन को बाधित करती हैं जिससे वजन कम कर पाना मुश्किल हो जाता है. ये बीमारियां हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म क्रिया को धीमा करके या भूख बढ़ाकर वजन कम होने से रोकती हैं। अगर आपको लगता है कि वजन घटाने के लिए आप कितनी भी कोशिश क्यों न करें, वजन कम नहीं हो रहा है तो हो सकता है कि आप इन बीमारियों का शिकार हो।

थायरॉयड
थायरॉयड हार्मोन की वजह से हाइपरथायरॉयडिज्म बीमारी होता है जिससे भी वजन कम करना कठिन हो जाता है। व्यक्ति चाहकर भी अपना वजन कम नहीं कर पाता। क्योंकि  थायरॉयड हार्मोन की अधिक होने से लोगों का मोटापा बढ़ता है। थायरॉयड के संतुलन के बिना शरीर का वजन, चाहे वह कम हो या ज्यादा, नियंत्रित नहीं रह पाता. अत: थायरॉयड की समस्या वजन घटाने में एक बड़ी बाधा बनती है।

पीसीओएस
पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक आम समस्या है जो महिलाओं में देखी जाती है. पीसीओएस वाली महिलाओं के शरीर में इन्सुलिन नामक हार्मोन ज्यादा होता है। इन्सुलिन की वजह से खाने से मिलने वाली कैलोरी जल्दी वसा में बदल जाती है. यानी मोटापा बढऩे लगता है. इसके अलावा, हार्मोन्स में असंतुलन होने से पीसीओएस में शरीर की सामान्य प्रक्रियाएं भी बिगड़ जाती हैं। इनमें से एक मेटाबॉलिज्म कहलाने वाली प्रक्रिया है. इन सब कारणों से, पीसीओएस वाली महिलाएं डाइट पर कंट्रोल और एक्सरसाइज करने के बाद भी वजन नहीं घटा पातीं।

कॉर्टिकोस्टेरॉयड्स
कॉर्टिकोस्टेरॉयड शरीर में मौजूद एक प्रकार का हार्मोन होता है, जो स्ट्रेसफुल स्थितियों में अतिरिक्त मात्रा में बनता है. इस हार्मोन की अधिकता से कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जिनमें से एक है – वजन बढऩा और फिर वजन कम करने में परेशानी. एक बार जब व्यक्ति मोटा हो जाता है तो फिर कॉर्टिकोस्टेरॉयड के कारण उसे अपना वजन कम करने में बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही कारण है कि कॉर्टिकोस्टेरॉयड की अधिकता वाले लोग आसानी से वजन नहीं कम कर पाते।

डिप्रेशन
डिप्रेशन के कारण कुछ लोगों की भूख कम हो जाती है, जबकि कुछ लोग अधिक खाने लगते हैं। जो लोग अधिक खाते हैं, उनमें तेज़ी से वजन बढऩे लगता है। डिप्रेशन में शरीर में सेरोटोनिन नामक हार्मोन कम हो जाता है, जो भूख और मूड को नियंत्रित करता है।

RELATED ARTICLES

मानसून में भीगना पड़ सकता है भारी, स्किन और बालों की सुरक्षा है जरूरी

मानसून की फुहारें गर्मी से राहत तो देती हैं, लेकिन बिना सावधानी के बारिश में भीगना आपकी त्वचा और बालों की सेहत पर असर...

क्या आप सही तरीके से नहाते हैं? पहले किस अंग पर पानी डालना चाहिए, जानें

नहाना सिर्फ शरीर की सफाई का तरीका नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आदत भी माना जाता है। आयुर्वेद में स्नान को दैनिक...

डायबिटीज का नया जोखिम सामने आया, सिर्फ मोटापा ही नहीं मांसपेशियों की कमजोरी भी जिम्मेदार

14 साल तक 4.79 लाख लोगों पर हुई रिसर्च, शरीर में ज्यादा फैट और कमजोर मांसपेशियों वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम सबसे...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने 25 जुलाई तक शेष कार्य निपटाने के निर्देश दिए

पौड़ी:  आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों तथा...

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के निर्णय का सीएम धामी ने किया स्वागत

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने...

‘द स्कैम-लीक्ड’ का दमदार टीजर आउट, छात्रों के संघर्ष और पेपर लीक का दर्द आएगा नजर

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी बहस के बीच अब इसी विषय पर आधारित एक...

श्रमिक कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – मुख्यमंत्री धामी

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अनेक नई कल्याणकारी...

Recent Comments