Sunday, March 8, 2026
Home स्वास्थ्य याददाश्त बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने में मददगार हैं ये...

याददाश्त बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने में मददगार हैं ये 5 जड़ी बूटियां

ऐसे कई लोग हैं, जो किसी न किसी कारणवश कई दिमागी समस्याओं से जूझ रहे हैं।इनके कारण सोचने-समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है और व्यक्ति का दिमाग असंतुलित हो जाता है। हालांकि, आयुर्वेद चिकित्सा में लंबे समय से इस्तेमाल होने वाली कई जड़ी-बूटियां याददाश्त को बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं। इसलिए इन्हें डाइट में शामिल करना अच्छा है।आइए 5 सबसे लाभदायक जड़ी बूटियों के बारे में जानते हैं।

शंखपुष्पी को दूध में मिलाकर पिएं
अगर आप अपना ज्यादातर समय लैपटॉप या फोन पर बिता देते हैं या लंबे समय तक पढ़ाई करते हैं तो इससे मानसिक रूप से थकान हो जाती है। इससे आराम पाने के लिए शंखपुष्पी पाउडर को पानी या दूध के साथ मिलाकर पिएं।इसमें याददाश्त बढ़ाने वाले और आराम देने वाले गुण होते हैं, जो आपके दिमाग की काम करने की क्षमता को बढ़ाते हैं।साथ ही यह मानसिक थकान को दूर करके आपको सक्रिय भी रखती है।

गोटू कोला से होगा फायदा
गोटू कोला के बारे में शायद आप न जानते हो, लेकिन यह जड़ी-बूटी मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक साबित हो सकती है।यह चिंता और तनाव के लक्षण और इनसे जुड़ी समस्याओं को धीरे-धीरे दूर करने में काफी मदद कर सकती है। इसका कारण है कि इसमें एंटी-स्ट्रेस और एंटी-डिप्रेशन गुण मौजूद होते हैं।गोटू कोला में एंटी-एंग्जायटी गुण भी शामिल होता है, जो बेचैनी और व्याकुलता को कम कर सकते हैं।यहां जानिए गोटू कोला के फायदे।

अश्वगंधा भी है प्रभावी
अश्वगंधा के पाउडर का सेवन भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, 50 वयस्कों पर किए गए एक अध्ययन में याददाश्त, ध्यान, सोच, प्रतिक्रिया समय और सूचना-प्रक्रिया क्षमताओं में बड़े पैमाने पर सुधार देखा गया, जब उन्होंने 8 सप्ताह तक प्रतिदिन 600 मिलीग्राम अश्वगंधा अर्क का सेवन किया।दरअसल, इस जड़ी बूटी में एडाप्टोजेनिक होता है, जो मानसिक तनाव को कम करके दिमाग को आराम देती है।यहां जानिए अश्वगंधा के फायदे।

अकरकरा का करें सेवन
अकरकरा का इस्तेमाल लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य और संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली में सुधार के लिए किया जाता आ रहा है।इसमें कुछ बायोएक्टिव छोटे अणु होते हैं, जो दिमाग के रसायनों को टूटने से रोकते हैं और याददाश्त, सोच, शांति, सतर्कता और ध्यान को बढ़ाते हैं। विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि इस प्राकृतिक घटक ने अल्जाइमर और अन्य मानसिक स्थितियों वाले रोगियों की स्थिति में सुधार किया है।

जटामांसी भी है लाभदायक जड़ी बूटी
जटामांसी भी एक प्रभावी मेमोरी बूस्टर के रूप में भी काम कर सकती है।यह सीखने और संज्ञानात्मक कौशल में सुधार कर सकती है। साथ ही यह एक पुनर्स्थापना एजेंट के रूप में कार्य करती है और कमजोर याददाश्त से पीडि़त लोगों की मदद करती है।लाभ के लिए जटामांसी के पाउडर को ब्राह्मी, अश्वगंधा और वाचा के साथ मिलाकर पानी के साथ निगलें।

RELATED ARTICLES

पथरी की समस्या को नजरअंदाज न करें, समय रहते उपचार कराना जरूरी

बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह...

युवा और बच्चे भी हो रहे सुनने की परेशानी का शिकार, जानिए क्या हैं कारण

आमतौर पर यह माना जाता है कि सुनने की क्षमता उम्र बढ़ने के साथ कम होती है, लेकिन अब यह समस्या केवल बुजुर्गों तक...

रंगों की होली में कॉन्टैक्ट लेंस से बढ़ सकता है आंखों का खतरा, समझें नुकसान

होली के रंगों के साथ मस्ती करना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन इस उत्साह में अक्सर लोग अपनी आंखों की सुरक्षा को...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

बॉक्स ऑफिस पर ‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की फीकी शुरुआत, पहले दिन नहीं जुटा पाई बड़ी कमाई

फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन की बतौर निर्माता नई फिल्म चरक: फियर ऑफ फेथ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसे विषयों...

पथरी की समस्या को नजरअंदाज न करें, समय रहते उपचार कराना जरूरी

बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह...

देश के विकास और बेहतर शासन के लिए केंद्र सरकार प्रयासरत: अमित शाह

हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने...

टिहरी झील को विश्व मानचित्र पर पर्यटन-खेल के हब के रूप में विकसित किया जाएगा: मुख्यमंत्री

टिहरी।पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हो...

Recent Comments