भारोत्तोलन में भारत के लवप्रीत सिंह ने पुरुष 110 किग्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 388 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 176 किलोग्राम भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड भी बनाया। हालांकि न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने कुल 389 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीत लिया।
एथलेटिक्स में भी भारत को सफलता मिली। सीमा कालीरामना ने महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश की झोली में एक और मेडल डाला। वहीं उनकी साथी निधि रानी चौथे स्थान पर रहीं और पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गईं।
भारत के लिए अच्छी खबर पुरुष भालाफेंक से भी आई है। स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा के साथ रोहित यादव और यशवीर सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। इसके अलावा राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु ने पुरुष ट्रिपल जंप के फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है, जिससे आने वाले मुकाबलों में भारत की पदक उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
हालांकि कुछ स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों को निराशा भी हाथ लगी। शॉटपुट में तेजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल पदक नहीं जीत सके, जबकि धावक अनिमेष कुजूर और विशाल टीके अपने-अपने इवेंट के फाइनल में जगह बनाने में असफल रहे। दूसरी ओर डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर शुरुआती पांच स्पर्धाओं के बाद दूसरे स्थान पर बने हुए हैं और उनसे पदक की उम्मीद कायम है।
अब नौवें दिन भारतीय दल की नजर पदक तालिका में और सुधार करने पर होगी। नीरज चोपड़ा जेवलिन थ्रो फाइनल में उतरेंगे, जबकि लवलीना बोरगोहेन समेत 10 भारतीय मुक्केबाज सेमीफाइनल मुकाबले खेलेंगे। इसके अलावा एथलेटिक्स, ट्रैक साइक्लिंग और डेकाथलॉन में भी भारत के पास पदक जीतने के अच्छे अवसर होंगे।
अब तक भारत के तीन स्वर्ण पदक मीराबाई चानू (भारोत्तोलन), शर्मिला धनखड़ (पैरा एथलेटिक्स) और दिलीप महादू गावित (पैरा एथलेटिक्स) ने दिलाए हैं। वहीं भारोत्तोलन भारत का सबसे सफल खेल साबित हुआ है, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक आठ पदक जीते हैं।






