Friday, July 24, 2026
Home उत्तराखंड ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी गंभीर, निगरानी बढ़ाने के आदेश

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी गंभीर, निगरानी बढ़ाने के आदेश

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं नमामि गंगे कार्यक्रम से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में नगर निकायों, जिला पंचायत तथा संबंधित विभागों द्वारा संचालित स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी स्थान पर अनधिकृत रूप से कूड़ा डंप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा अवैध निस्तारण पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। इसके लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। यह समिति विभिन्न क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की नियमित निगरानी करेगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि कहीं भी अवैध अपशिष्ट निस्तारण स्थल विकसित न हो।
उन्होंने कूड़ा संग्रहण में लगाए गए वाहनों का सत्यापन एवं पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जिन वाहनों को स्वच्छता कार्यों हेतु दर्शाया गया है, उनकी वास्तविक उपलब्धता एवं संचालन की स्थिति का भौतिक सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कूड़ा पृथक्करण व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन के नए नियमों के अनुसार, केवल गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण पर्याप्त नहीं है, बल्कि खतरनाक अपशिष्ट तथा सैनिटरी वेस्ट का भी अलग-अलग श्रेणियों में वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण एवं निस्तारण किया जाए। उन्होंने सभी नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों को स्रोत स्तर पर कूड़ा पृथक्करण की व्यवस्था प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों एवं नगर निकायों की मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्राप्त की जाएगी, ताकि स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बल्क वेस्ट जनरेटरों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों, प्रतिष्ठानों एवं इकाइयों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
बैठक में लीगेसी वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छता कार्मिकों की उपलब्धता, अपशिष्ट संग्रहण वाहनों की स्थिति, स्मार्ट शौचालयों की कार्यशीलता, स्वच्छता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों तथा जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं एवं चुनौतियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना, समस्याओं तथा उनके समाधान के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
इसके अतिरिक्त नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत भी समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी नगर निकायों के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की प्रगति एवं संचालन व्यवस्था की समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने नगर पालिका पौड़ी को लीगेसी वेस्ट का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। नगर पंचायत थलीसैंण को कूड़ा डंपिंग स्थल से संबंधित निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया। वहीं नगर पालिका दुगड्डा को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु वैकल्पिक भूमि ढूंढकर उसका चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए गए।
कोटद्वार में निर्माणाधीन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि केवल भौतिक प्रगति ही नहीं, बल्कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संयंत्र तक पहुंच मार्गों की स्थिति सुधारने, उखड़ी हुई सड़कों के पुनर्स्थापन कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा संबंधित व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत को भी स्वच्छता एजेंसियों की कार्यप्रणाली एवं संसाधनों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। अपर मुख्य अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि विकासखंडों में स्वच्छता कार्यों हेतु लगभग 80 कार्मिक कार्यरत हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्वच्छता कार्यों में लगाए गए वाहनों एवं संसाधनों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, जिससे व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
बैठक में डीएफओ महातिम यादव, नगर आयुक्त श्रीनगर नूपुर वर्मा, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, एएमए भावना रावत, ईओ नगर पालिका पौड़ी संजय कुमार, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, पीएम स्वजल दीपक रावत सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने 25 जुलाई तक शेष कार्य निपटाने के निर्देश दिए

पौड़ी:  आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों तथा...

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के निर्णय का सीएम धामी ने किया स्वागत

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने...

‘द स्कैम-लीक्ड’ का दमदार टीजर आउट, छात्रों के संघर्ष और पेपर लीक का दर्द आएगा नजर

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी बहस के बीच अब इसी विषय पर आधारित एक...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने 25 जुलाई तक शेष कार्य निपटाने के निर्देश दिए

पौड़ी:  आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों तथा...

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के निर्णय का सीएम धामी ने किया स्वागत

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने...

‘द स्कैम-लीक्ड’ का दमदार टीजर आउट, छात्रों के संघर्ष और पेपर लीक का दर्द आएगा नजर

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी बहस के बीच अब इसी विषय पर आधारित एक...

श्रमिक कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – मुख्यमंत्री धामी

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अनेक नई कल्याणकारी...

Recent Comments