Friday, April 24, 2026
Home स्वास्थ्य बच्चे की मालिश कितनी फायदेमंद? डॉक्टरों ने बताया सच

बच्चे की मालिश कितनी फायदेमंद? डॉक्टरों ने बताया सच

नवजात शिशुओं की मालिश को लेकर हमारे समाज में कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। अक्सर यह माना जाता है कि नियमित मालिश से बच्चा ज्यादा मजबूत, हेल्दी और तेजी से विकसित होता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इन धारणाओं में पूरी सच्चाई नहीं है। प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. माधवी भारद्वाज ने हाल ही में इस विषय पर जागरूकता बढ़ाते हुए बताया कि मालिश के फायदे अलग हैं और उससे जुड़ी कई मान्यताएं गलतफहमी पर आधारित हैं।

डॉ. माधवी के अनुसार, बच्चे की मालिश का असली उद्देश्य उसके साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाना, आंखों के संपर्क के जरिए संवाद बनाना और त्वचा को पोषण देना होता है। कई बार लोग बहुत तेज या ज्यादा दबाव के साथ मालिश करते हैं, जिससे बच्चे को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए हल्के हाथों से और सही तरीके से मालिश करना जरूरी है।

विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि मालिश का बच्चे की हड्डियों की मजबूती या मांसपेशियों के विकास पर सीधा असर नहीं पड़ता। यानी यह सोच गलत है कि मालिश न करने से बच्चा कमजोर रह जाएगा।

क्या मालिश से सिर का आकार बदल सकता है?
डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे के सिर का आकार मालिश या विशेष तकिए से नहीं बदलता। इसके लिए बच्चे की पोजिशन समय-समय पर बदलना ज्यादा प्रभावी होता है। सिर पर दबाव डालना सुरक्षित नहीं होता।

क्या मालिश से बच्चा जल्दी चलना या रेंगना सीखता है?
मालिश का बच्चे के विकास के पड़ावों जैसे बैठना, रेंगना या चलना सीखने से सीधा संबंध नहीं है। ये चीजें मुख्य रूप से जेनेटिक्स और बच्चे को मिलने वाले अवसरों पर निर्भर करती हैं। अगर बच्चे को पर्याप्त मूवमेंट का मौका नहीं मिलता, तो उसका विकास धीमा हो सकता है।

क्या मालिश से वजन बढ़ता है या पैर सीधे होते हैं?
डॉ. माधवी के अनुसार, बच्चे का वजन उसके आनुवंशिक गुणों पर निर्भर करता है, न कि मालिश पर। जन्म के समय बच्चों के पैर हल्के मुड़े हुए होते हैं, जो समय के साथ खुद ही सीधे हो जाते हैं। इसमें मालिश की कोई भूमिका नहीं होती।

तो क्या मालिश जरूरी नहीं है?
मालिश को पूरी तरह नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे माता-पिता और बच्चे के बीच जुड़ाव मजबूत होता है। साथ ही बच्चा रिलैक्स महसूस करता है, उसकी त्वचा स्वस्थ रहती है और वह धीरे-धीरे अपने शरीर को मूव करना भी सीखता है।

अंत में यह समझना जरूरी है कि मालिश को चमत्कारिक उपाय की तरह न देखें। यह बच्चे की देखभाल का एक हिस्सा है, लेकिन उसका संपूर्ण विकास प्राकृतिक प्रक्रियाओं और सही माहौल पर ही निर्भर करता है।

RELATED ARTICLES

थोड़ी सी चढ़ाई में ही सांस फूलती है? खानपान में करें ये बदलाव

आजकल कई लोग सीढ़ियां चढ़ते समय जल्दी थकान या सांस फूलने की शिकायत करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह केवल बढ़ती उम्र का संकेत...

बच्चों की बढ़ती मोबाइल लत बन सकती है खतरा, जानिए इसके नुकसान

आज के दौर में मोबाइल फोन बच्चों के लिए खिलौना नहीं, बल्कि एक आदत बन चुका है। कई बच्चे ऐसे हैं जो बिना फोन...

अमरूद: पेट की दिक्कतों, डायबिटीज और सर्दी-जुकाम में फायदेमंद फल

आजकल बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ती बीमारियों के बीच सही खानपान का चुनाव बेहद जरूरी हो गया है। खासकर डायबिटीज, सर्दी-जुकाम और पाचन संबंधी समस्याओं...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

फर्जी वीडियो से चारधाम यात्रा को लेकर भ्रम फैलाया, आरोपी पर मुकदमा

देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की चार धाम यात्रा सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्री...

जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुँचे उपराष्ट्रपति, मुख्यमंत्री धामी ने किया अभिवादन

देहरादून। देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उनका स्वागत और अभिनंदन किया।

फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ से ‘रूप दी रानी’ गाना लॉन्च

आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, वामिका गब्बी और रकुल प्रीत सिंह की अपकमिंग फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ का पहला गाना ‘रूप दी...

भक्ति और विश्वास के माहौल में केदारनाथ धाम के कपाट विधिपूर्वक खुले

रुद्रप्रयाग।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बने कपाट खुलने के दिव्य क्षणों के साक्षी हर हर महादेव, जय श्री केदार के उदघोष से प्रफुल्लित हुई...

Recent Comments