Tuesday, June 9, 2026
Home स्वास्थ्य मुंह का घाव 3 हफ्तों से बना हुआ है? नजरअंदाज न करें,...

मुंह का घाव 3 हफ्तों से बना हुआ है? नजरअंदाज न करें, हो सकता है ओरल कैंसर का लक्षण

मुंह में छाले होना आम बात मानी जाती है और अधिकतर लोग इसे पेट की गड़बड़ी या विटामिन की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मुंह का कोई छाला लंबे समय तक ठीक न हो या बार-बार उसी जगह पर घाव बन रहा हो, तो यह गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकता है। खासकर तीन सप्ताह से अधिक समय तक बने रहने वाले छाले को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।

चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय तक न भरने वाले घाव ओरल कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। भारत में मुंह का कैंसर तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है, जिसके पीछे तंबाकू, गुटखा, सुपारी और शराब का सेवन प्रमुख कारण माना जाता है। शुरुआती दौर में यह बीमारी अक्सर बिना दर्द के सफेद या लाल धब्बों के रूप में दिखाई देती है, जिसे लोग सामान्य छाला समझकर अनदेखा कर देते हैं। समय पर इलाज न होने की स्थिति में कैंसर जबड़े, गले और शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल सकता है।

सामान्य छाले और कैंसर के घाव में क्या है फर्क

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि सामान्य छाले दर्दनाक होते हैं और कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। वहीं कैंसर से जुड़े शुरुआती घाव अधिकतर दर्द रहित होते हैं और लंबे समय तक बने रहते हैं। यदि छाले के साथ मुंह में गांठ महसूस हो, दांत ढीले होने लगें, आवाज में बदलाव आए या मुंह खोलने में परेशानी हो, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है। इसकी पुष्टि केवल बायोप्सी जांच से ही संभव होती है।

तंबाकू और सुपारी से बढ़ता है खतरा

आंकड़ों के मुताबिक भारत में ओरल कैंसर के अधिकांश मामलों में तंबाकू सेवन अहम भूमिका निभाता है। तंबाकू में मौजूद हानिकारक तत्व मुंह की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं सुपारी चबाने से मुंह की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और धीरे-धीरे मुंह खुलना कम हो जाता है, जिसे गंभीर चेतावनी संकेत माना जाता है। शराब का सेवन इस खतरे को और बढ़ा देता है।

इन लक्षणों पर तुरंत दें ध्यान

ओरल कैंसर के अन्य लक्षणों में निगलने में दिक्कत, बिना वजह कान में दर्द, गले में सूजन, मुंह के अंदर सफेद या लाल पैच, जीभ सुन्न होना या हिलाने में परेशानी शामिल हैं। कई मामलों में गले या जबड़े में ऐसी गांठ बनती है जिसमें दर्द नहीं होता, जिससे मरीज को बीमारी का आभास देर से होता है।

समय पर पहचान से बचाई जा सकती है जान

विशेषज्ञों का कहना है कि ओरल कैंसर के इलाज में शुरुआती पहचान सबसे अहम है। यदि पहली अवस्था में बीमारी का पता चल जाए, तो इलाज के बाद मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना काफी अधिक होती है। तंबाकू और शराब से दूरी बनाना, नियमित डेंटल जांच कराना और मुंह में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करना ही सबसे बड़ा बचाव है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है।

RELATED ARTICLES

घंटों एक जगह बैठे रहने से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का जोखिम

बदलती जीवनशैली और बढ़ते काम के दबाव के बीच हृदय रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि...

दिनभर सुस्ती और थकावट महसूस होती है? इन कारणों को न करें नजरअंदाज

दिनभर सुस्ती, काम में मन न लगना और बार-बार नींद आना आजकल कई लोगों की आम समस्या बन चुकी है। अक्सर लोग इसे व्यस्त...

विशेषज्ञ बोले—तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक

तंबाकू और धूम्रपान आज दुनिया के सामने एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बने हुए हैं। जागरूकता अभियानों और स्वास्थ्य चेतावनियों के बावजूद करोड़ों लोग सिगरेट,...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

दर्शकों की पहली पसंद बनी ‘पेद्दी’, कमाई के आंकड़ों ने चौंकाया

साउथ सुपरस्टार राम चरण की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पेद्दी’ सिनेमाघरों में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर छा गई है। दर्शकों के बीच लंबे समय...

मतदाता सूची अपडेट करने की कवायद तेज, बीएलओ कर रहे घर-घर संपर्क

पौड़ी- भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जनपद पौड़ी गढ़वाल में 01 जुलाई, 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम...

समाधान दिवस में डीएम का एक्शन मोड, शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर

जन समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से सोमवार को आयोजित ‘समाधान दिवस’ में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने 194 नागरिकों की...

जौनसार की लोक परंपराएं और प्रकृति प्रेम राज्य की पहचान : मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री केदार सिंह स्टेडियम, नागथात, देहरादून में आयोजित जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं...

Recent Comments