Monday, September 7, 2026
Home स्वास्थ्य सर्दी-जुकाम समझने की भूल न करें, हे फीवर भी हो सकता है...

सर्दी-जुकाम समझने की भूल न करें, हे फीवर भी हो सकता है वजह

मौसम में बदलाव होते ही अगर आपको लगातार छींक आना, नाक बहना या आंखों में खुजली जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं, तो इसे हल्के में लेने की गलती न करें। कई लोग इन लक्षणों को सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि ये एलर्जी से जुड़ी एक बीमारी ‘हे फीवर’ का संकेत भी हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के कारण इस समस्या के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

Hay Fever यानी एलर्जिक राइनाइटिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली धूल, परागकण, फफूंदी या जानवरों के बाल जैसी सामान्य चीजों को खतरनाक मानकर प्रतिक्रिया देने लगती है। इसके कारण शरीर में एलर्जी संबंधी लक्षण दिखाई देने लगते हैं। मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई वायरल संक्रमण नहीं बल्कि एलर्जी से जुड़ी समस्या है, जो लंबे समय तक परेशान कर सकती है।

हे फीवर के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम से काफी मिलते-जुलते हैं। इसमें बार-बार छींक आना, नाक बंद होना या बहना, आंखों में पानी आना और खुजली जैसी समस्याएं आम हैं। कुछ लोगों को गले में खराश, सिरदर्द और अत्यधिक थकान भी महसूस हो सकती है। जिन लोगों को अस्थमा की समस्या है, उनमें यह परेशानी सांस लेने में दिक्कत और खांसी को और बढ़ा सकती है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि सामान्य सर्दी-जुकाम वायरस के कारण होता है और आमतौर पर कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, जबकि हे फीवर एलर्जी पैदा करने वाली चीजों के संपर्क में आने तक बना रह सकता है। वायरल फीवर में हल्का बुखार और शरीर दर्द भी होता है, लेकिन हे फीवर में आमतौर पर बुखार नहीं आता।

डॉक्टरों के अनुसार, हे फीवर से बचने का सबसे अच्छा तरीका एलर्जी पैदा करने वाले कारकों से दूरी बनाना है। मौसम बदलने के दौरान बाहर कम निकलना, घर की नियमित सफाई करना, धूल से बचाव रखना और बाहर से आने के बाद हाथ-मुंह धोना काफी फायदेमंद माना जाता है। अगर एलर्जी के कारण सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या लगातार लक्षण बने रहें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि बार-बार होने वाली एलर्जी को नजरअंदाज करने के बजाय सही समय पर जांच और इलाज कराना जरूरी है, ताकि समस्या गंभीर रूप न ले सके।

नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है।

RELATED ARTICLES

स्वाइन फ्लू को लेकर बढ़ी चिंता, बुखार न हो तब भी इन संकेतों पर रहें सतर्क

देश के कई हिस्सों में इन दिनों इन्फ्लुएंजा-ए के H1N1 वायरस को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश,...

शुगर को काबू में रखने के लिए सिर्फ दवाइयां नहीं, सही खानपान भी जरूरी

डायबिटीज को नियंत्रित रखना सिर्फ दवाइयां लेने तक सीमित नहीं है। रोजाना की डाइट, खाने की मात्रा और भोजन का समय भी ब्लड शुगर...

सिगरेट का धुआं फेफड़ों के साथ किडनी के लिए भी खतरनाक, गंभीर बीमारियों का बढ़ सकता है जोखिम

धूम्रपान को अक्सर फेफड़ों की बीमारी और कैंसर से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसका असर शरीर के कई दूसरे महत्वपूर्ण अंगों पर भी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा पर डीएम की नजर, तय नियमों के पालन के निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने...

एमडीडीए ने अवैध निर्माण पर कसा शिकंजा, तीन निर्माण स्थल सील

देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई...

नदी प्रदूषण पर प्रशासन सख्त, कूड़ा डालने वालों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर

देहरादून 05 सितंबर,2026 (सू.वि), जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी उप जिलाधिकारियों, नगर...

सिनेमाघरों में छाई ‘मिर्जापुर: द मूवी’, ओपनिंग डे पर 25.75 करोड़ की कमाई

लंबे समय से जिस फिल्म का दर्शकों को इंतजार था, वह आखिरकार सिनेमाघरों में पहुंच गई है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने रिलीज के साथ...

Recent Comments

A WordPress Commenter on Hello world!