Monday, September 7, 2026
Home स्वास्थ्य बार-बार थकावट और झनझनाहट दिखे तो सतर्क हो जाएं, गंभीर बीमारी का...

बार-बार थकावट और झनझनाहट दिखे तो सतर्क हो जाएं, गंभीर बीमारी का संकेत

आज की बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते तनाव का असर सिर्फ सामान्य बीमारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑटोइम्यून डिजीज के मामलों में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। इन्हीं में से एक गंभीर बीमारी मल्टीपल स्क्लेरोसिस है, जो धीरे-धीरे शरीर के नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी को चुनौतीपूर्ण बना देती है।

मल्टीपल स्क्लेरोसिस एक क्रॉनिक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली खुद ही नसों की सुरक्षा करने वाली मायलिन परत पर हमला कर देती है। यह परत दिमाग से शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक संदेश पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती है। जब यह क्षतिग्रस्त होती है, तो शरीर के सिग्नल सिस्टम में गड़बड़ी आने लगती है, जिससे कई तरह के न्यूरोलॉजिकल लक्षण सामने आते हैं।

इस बीमारी के कारण व्यक्ति को थकान, शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन, नजर कमजोर होना या डबल विजन, मांसपेशियों में कमजोरी और संतुलन बनाने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में मरीजों को याददाश्त में कमी और ध्यान केंद्रित करने में भी दिक्कत होती है। इसके अलावा मूत्र से जुड़ी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी आमतौर पर 20 से 40 वर्ष की उम्र के लोगों में अधिक पाई जाती है और महिलाओं में इसका खतरा पुरुषों की तुलना में ज्यादा होता है। हालांकि इसके सटीक कारण अब तक स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन परिवार में पहले से इस बीमारी का होना, विटामिन डी की कमी, धूम्रपान और कुछ वायरल संक्रमण इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

मल्टीपल स्क्लेरोसिस का अभी तक कोई स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन सही समय पर पहचान और उपचार से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए दवाओं के साथ-साथ डिजीज मॉडिफाइंग थेरेपी का उपयोग किया जाता है, जो इम्यून सिस्टम की असामान्य गतिविधि को कम करने में मदद करती है।

इसके अलावा, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी बेहद जरूरी है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, विटामिन डी का सही स्तर बनाए रखना और धूम्रपान से दूरी इस बीमारी के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं। फिजियोथेरेपी और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी थेरेपी भी मरीज की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है।

RELATED ARTICLES

स्वाइन फ्लू को लेकर बढ़ी चिंता, बुखार न हो तब भी इन संकेतों पर रहें सतर्क

देश के कई हिस्सों में इन दिनों इन्फ्लुएंजा-ए के H1N1 वायरस को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश,...

शुगर को काबू में रखने के लिए सिर्फ दवाइयां नहीं, सही खानपान भी जरूरी

डायबिटीज को नियंत्रित रखना सिर्फ दवाइयां लेने तक सीमित नहीं है। रोजाना की डाइट, खाने की मात्रा और भोजन का समय भी ब्लड शुगर...

सिगरेट का धुआं फेफड़ों के साथ किडनी के लिए भी खतरनाक, गंभीर बीमारियों का बढ़ सकता है जोखिम

धूम्रपान को अक्सर फेफड़ों की बीमारी और कैंसर से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसका असर शरीर के कई दूसरे महत्वपूर्ण अंगों पर भी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा पर डीएम की नजर, तय नियमों के पालन के निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने...

एमडीडीए ने अवैध निर्माण पर कसा शिकंजा, तीन निर्माण स्थल सील

देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई...

नदी प्रदूषण पर प्रशासन सख्त, कूड़ा डालने वालों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर

देहरादून 05 सितंबर,2026 (सू.वि), जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी उप जिलाधिकारियों, नगर...

सिनेमाघरों में छाई ‘मिर्जापुर: द मूवी’, ओपनिंग डे पर 25.75 करोड़ की कमाई

लंबे समय से जिस फिल्म का दर्शकों को इंतजार था, वह आखिरकार सिनेमाघरों में पहुंच गई है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने रिलीज के साथ...

Recent Comments

A WordPress Commenter on Hello world!