Saturday, March 7, 2026
Home स्वास्थ्य फैटी लिवर का खतरा बढ़ा रसोई से, जानिए कौन-सी आम चीजें कर...

फैटी लिवर का खतरा बढ़ा रसोई से, जानिए कौन-सी आम चीजें कर रही हैं लिवर को खराब

अब तक फैटी लिवर की बीमारी को केवल शराब या ज्यादा मीठा खाने से जोड़कर देखा जाता रहा है, लेकिन ताजा हेल्थ स्टडी और एक्सपर्ट्स की चेतावनियां कुछ और ही इशारा कर रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, हमारी रोजमर्रा की थाली में शामिल कुछ सामान्य खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो चुपचाप लिवर में फैट जमा कर रहे हैं और फैटी लिवर का खतरा कई गुना बढ़ा रहे हैं।

फैटी लिवर तब होता है जब लीवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा हो जाती है। शुरुआत में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते, लेकिन समय के साथ यह सूजन, लीवर फाइब्रोसिस और यहां तक कि सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का रूप ले सकता है। बदलती जीवनशैली, प्रोसेस्ड फूड और गलत खानपान लिवर पर अतिरिक्त मेटाबॉलिक दबाव डाल रहे हैं, जिससे यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ चीनी कम करना काफी नहीं है। लीवर को सुरक्षित रखने के लिए उन खाद्य पदार्थों की पहचान करना जरूरी है जो रोजाना हमारे किचन से प्लेट तक पहुंच रहे हैं और धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा रहे हैं।

रिफाइंड आटा और प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट

मैदा से बने खाद्य पदार्थ जैसे सफेद ब्रेड, बिस्कुट, नूडल्स और पास्ता शरीर में तेजी से शुगर में बदल जाते हैं। इनमें फाइबर न होने के कारण ब्लड शुगर अचानक बढ़ती है और लिवर अतिरिक्त ग्लूकोज को फैट में बदलने लगता है। यही प्रक्रिया आगे चलकर नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज की वजह बनती है।

जरूरत से ज्यादा नमक

अधिक नमक का सेवन केवल दिल के लिए ही नहीं, लीवर के लिए भी खतरनाक माना जाता है। अचार, पैकेज्ड स्नैक्स और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में मौजूद सोडियम शरीर में पानी रोकने और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ाता है। इससे लिवर की कोशिकाओं पर दबाव बढ़ता है और उनमें क्षति की संभावना बढ़ जाती है।

ट्रांस फैट और हाइड्रोजेनेटेड तेल

वनस्पति घी, दोबारा गरम किया गया तेल और बाहर के तले हुए खाद्य पदार्थ ट्रांस फैट से भरपूर होते हैं। ये फैट लीवर में सूजन बढ़ाने के साथ-साथ खराब कोलेस्ट्रॉल को भी बढ़ाते हैं। लंबे समय तक इनके सेवन से लिवर के टिशूज में फैट जमा होने लगता है, जिसे शरीर आसानी से प्रोसेस नहीं कर पाता।

कैसे रखें लीवर को सुरक्षित?

फैटी लिवर से बचाव के लिए मैदा की जगह साबुत अनाज, जैसे जौ, बाजरा और ओट्स को भोजन में शामिल करें। ट्रांस फैट की जगह कोल्ड-प्रेस्ड या सीमित मात्रा में सरसों और जैतून के तेल का उपयोग करें। फाइबर युक्त आहार, नियमित व्यायाम और सक्रिय दिनचर्या लीवर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

ध्यान रखें, लीवर शरीर का प्राकृतिक फिल्टर है। यदि इसकी सेहत बेहतर रहेगी, तो पूरे शरीर पर उसका सकारात्मक असर दिखाई देगा।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।

RELATED ARTICLES

पथरी की समस्या को नजरअंदाज न करें, समय रहते उपचार कराना जरूरी

बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह...

युवा और बच्चे भी हो रहे सुनने की परेशानी का शिकार, जानिए क्या हैं कारण

आमतौर पर यह माना जाता है कि सुनने की क्षमता उम्र बढ़ने के साथ कम होती है, लेकिन अब यह समस्या केवल बुजुर्गों तक...

रंगों की होली में कॉन्टैक्ट लेंस से बढ़ सकता है आंखों का खतरा, समझें नुकसान

होली के रंगों के साथ मस्ती करना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन इस उत्साह में अक्सर लोग अपनी आंखों की सुरक्षा को...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

बॉक्स ऑफिस पर ‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की फीकी शुरुआत, पहले दिन नहीं जुटा पाई बड़ी कमाई

फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन की बतौर निर्माता नई फिल्म चरक: फियर ऑफ फेथ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसे विषयों...

पथरी की समस्या को नजरअंदाज न करें, समय रहते उपचार कराना जरूरी

बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह...

देश के विकास और बेहतर शासन के लिए केंद्र सरकार प्रयासरत: अमित शाह

हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने...

टिहरी झील को विश्व मानचित्र पर पर्यटन-खेल के हब के रूप में विकसित किया जाएगा: मुख्यमंत्री

टिहरी।पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हो...

Recent Comments