Friday, July 24, 2026
Home राष्ट्रीय अंतरिक्ष में भारत की ताकत: इसरो ने ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 का सफल प्रक्षेपण...

अंतरिक्ष में भारत की ताकत: इसरो ने ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 का सफल प्रक्षेपण किया

श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस वर्ष के अपने अंतिम मिशन के साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। इसरो ने अपने हैवी-लिफ्ट रॉकेट एलवीएम-3 के जरिए अब तक के सबसे भारी वाणिज्यिक संचार उपग्रह ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। यह मिशन पूरी तरह व्यावसायिक रहा, जिसने वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारत की तकनीकी क्षमता और विश्वसनीयता को और मजबूत किया है।

यह प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह 8:55 बजे किया गया। लगभग 16 मिनट की उड़ान के बाद 6,100 किलोग्राम वजनी यह उपग्रह पृथ्वी से करीब 520 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित निचली कक्षा (लो अर्थ ऑर्बिट) में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। इस मिशन में इसरो के एलवीएम-3 रॉकेट का इस्तेमाल किया गया, जिसे इसकी भारी भार वहन क्षमता के कारण ‘बाहुबली’ भी कहा जाता है। यह एलवीएम-3 की छठी उड़ान और तीसरी वाणिज्यिक उड़ान रही।

इसरो के अनुसार यह लॉन्चिंग न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और अमेरिका की एएसटी स्पेसमोबाइल कंपनी के बीच हुए वाणिज्यिक समझौते का हिस्सा है। ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 अब तक भारत से लॉन्च किया गया सबसे भारी वाणिज्यिक संचार उपग्रह है, जो अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए इसरो की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम युवाओं की ताकत से और अधिक आधुनिक व प्रभावी बन रहा है। एलवीएम-3 की भरोसेमंद क्षमता भविष्य के गगनयान जैसे मिशनों, वाणिज्यिक लॉन्च सेवाओं के विस्तार और वैश्विक साझेदारियों को नई मजबूती दे रही है।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह मिशन इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे भारत की पकड़ वैश्विक कमर्शियल स्पेस सेक्टर में और मजबूत होगी। एलवीएम-3 पहले ही चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और वनवेब जैसे अंतरराष्ट्रीय सैटेलाइट मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दे चुका है। वनवेब मिशन के तहत इसरो ने दो चरणों में 72 उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया था।

ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह अगली पीढ़ी की संचार तकनीक का हिस्सा है। इसके सफल संचालन के बाद 4जी और 5जी स्मार्टफोन को सीधे सैटेलाइट के जरिए ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मिल सकेगी, वह भी बिना किसी अतिरिक्त एंटीना या विशेष हार्डवेयर के। इससे पहाड़ी क्षेत्रों, समुद्रों, रेगिस्तानों और दूरदराज के इलाकों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराना आसान होगा।

इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप, तूफान या भूस्खलन के दौरान जब जमीन पर मौजूद टेलीकॉम ढांचा प्रभावित हो जाता है, तब सैटेलाइट आधारित संचार सेवाएं अहम भूमिका निभा सकती हैं। इस मिशन के साथ इसरो ने न केवल तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है, बल्कि भविष्य की संचार क्रांति की दिशा में भी एक मजबूत कदम बढ़ाया है।

RELATED ARTICLES

NEET री-एग्जाम की सुरक्षा के लिए सरकार ने टेलीग्राम पर लगाई अस्थायी रोक

नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म...

प्रधानमंत्री मोदी का जोर—शहरी विकास से ही आगे बढ़ेगा भारत

तिरुवनंतपुरम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भव्य रोड शो किया। थंपानूर ओवरब्रिज से पुथरिकंडम मैदान तक निकाले गए...

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शौर्य यात्रा में लिया भाग, राष्ट्र को प्रेरक संदेश

सोमनाथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा में सहभागिता कर आस्था, साहस और सांस्कृतिक विरासत के प्रति देश की प्रतिबद्धता...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने 25 जुलाई तक शेष कार्य निपटाने के निर्देश दिए

पौड़ी:  आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों तथा...

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के निर्णय का सीएम धामी ने किया स्वागत

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने...

‘द स्कैम-लीक्ड’ का दमदार टीजर आउट, छात्रों के संघर्ष और पेपर लीक का दर्द आएगा नजर

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी बहस के बीच अब इसी विषय पर आधारित एक...

श्रमिक कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – मुख्यमंत्री धामी

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अनेक नई कल्याणकारी...

Recent Comments