Thursday, July 30, 2026
Home स्वास्थ्य हाई बीपी का कारण बढ़ती उम्र नहीं, खराब आदतें हैं जिम्मेदार –...

हाई बीपी का कारण बढ़ती उम्र नहीं, खराब आदतें हैं जिम्मेदार – शोध में सामने आई सच्चाई

आज की तेज गति वाली लाइफस्टाइल में हाई ब्लड प्रेशर अब आम स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। विशेषज्ञ इसे ‘साइलेंट किलर’ कहते हैं, क्योंकि बिना किसी खास शुरुआती लक्षण के यह शरीर के अंदरूनी तंत्र पर दबाव बनाता रहता है। लगातार बढ़ा हुआ बीपी धमनियों की दीवारों को सख्त करने लगता है और यही भविष्य में कई गंभीर बीमारियों की जड़ बनता है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक गलत भोजन आदतें, स्ट्रेस, बैठकर रहने की आदत और शारीरिक सक्रियता की कमी हाई बीपी को तेजी से बढ़ाती है। ऐसे में हाई बीपी के बढ़ने की स्थिति को हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए।

हृदय संबंधी गंभीर जोखिम

हाई बीपी का सीधा असर आपके हृदय पर पड़ता है। लगातार अधिक दबाव के कारण हृदय की मांसपेशियों को खून पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हृदय की मांसपेशियां मोटी और कमजोर हो जाती हैं। इससे हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा धमनियों के सख्त होने से एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में फैट जमा होना) तेज होता है, जो हार्ट अटैक का प्रमुख कारण है।

मस्तिष्क और किडनी पर घातक असर

हाई बीपी मस्तिष्क की नाजुक रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाकर स्ट्रोक (मस्तिष्काघात) का सबसे बड़ा जोखिम पैदा करता है। वहीं किडनी पर दबाव पड़ने से उसकी फिल्टरिंग क्षमता कम हो जाती है, जिससे किडनी फेलियर का खतरा और बढ़ जाता है। यह दोनों ही स्थितियां जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं।

बीपी अचानक बढ़ने पर क्या करें?

अगर आपका रक्तचाप अचानक बहुत अधिक बढ़ जाए, तो तुरंत शांत जगह पर बैठ जाएं। गहरी सांसें लें और तनाव कम करने की कोशिश करें। अपनी नियमित दवा लें। अगर 20 मिनट बाद भी बीपी नीचे नहीं आता है, या आपको सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत या तेज सिरदर्द महसूस हो, तो तुरंत इमरजेंसी सेवा को कॉल करें या किसी नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

बीपी को नियंत्रित रखने के उपाय

हाई बीपी को नियंत्रित रखने के लिए नमक का सेवन सीमित करें, प्रतिदिन 1500 मिलीग्राम से कम नमक खाएं। डाइट में पोटैशियम (केला, पालक), मैग्नीशियम और फाइबर बढ़ाएं। रोजाना 30 मिनट वॉक करें, वजन नियंत्रित रखें, और धूम्रपान व शराब से दूर रहें। नियमित रूप से बीपी की जांच कराते रहें और डॉक्टर की सलाह को अनदेखा न करें।

RELATED ARTICLES

क्या कुछ सीढ़ियां चढ़ते ही हांफने लगते हैं आप? जानें इसकी असली वजह

क्या कुछ ही सीढ़ियां चढ़ने के बाद आपकी सांसें तेज चलने लगती हैं और थकावट महसूस होने लगती है? अक्सर लोग इसे सामान्य कमजोरी...

मानसून में भीगना पड़ सकता है भारी, स्किन और बालों की सुरक्षा है जरूरी

मानसून की फुहारें गर्मी से राहत तो देती हैं, लेकिन बिना सावधानी के बारिश में भीगना आपकी त्वचा और बालों की सेहत पर असर...

क्या आप सही तरीके से नहाते हैं? पहले किस अंग पर पानी डालना चाहिए, जानें

नहाना सिर्फ शरीर की सफाई का तरीका नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आदत भी माना जाता है। आयुर्वेद में स्नान को दैनिक...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

232 परिवारों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, प्रधानमंत्री आवास योजना बनी सहारा

देहरादून- हर परिवार का एक सपना होता है- अपना घर, ऐसा घर, जहां बच्चों की हंसी गूंजे, बुजुर्ग निश्चिंत होकर जीवन बिताएं और भविष्य सुरक्षित...

रिलीज हुआ ‘रामायण’ का शानदार ट्रेलर, यश के रावण अवतार ने खींचा सबका ध्यान

लंबे इंतजार के बाद निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर आखिरकार रिलीज कर दिया गया। करीब चार मिनट लंबे इस ट्रेलर...

मुख्यमंत्री बोले— सीएम हेल्पलाइन-1905 पर दर्ज शिकायतों का तय समय में हो प्रभावी समाधान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त...

SIR: दूसरे चरण के नोटिसों की सुनवाई का दौर शुरू

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के कम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम...

Recent Comments