Friday, July 24, 2026
Home स्वास्थ्य मलेरिया के बाद शरीर में कमजोरी? इन योगाभ्यासों से मिलेगा आराम

मलेरिया के बाद शरीर में कमजोरी? इन योगाभ्यासों से मिलेगा आराम

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है जो संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छरों के काटने से फैलती है। आमतौर पर मलेरिया वातावरण में नमी या बरसात के मौसम में जमा पानी के कारण हो सकता है। मलेरिया के मच्छर के काटने के कुछ सामान्य लक्षण हैं, जैसे बुखार, सिरदर्द, उल्टी आना, ठंड लगना, थकान होना, चक्कर आना और पेट में दर्द होना।

मलेरिया के इलाज के लिए करीब दो सप्ताह दवाइयां चलती हैं। हालांकि मलेरिया के इलाज के बाद भी कमजोरी और थकान बनी रहती है। मलेरिया के बाद शरीर बहुत कमजोर हो जाता है। ऐसे में जब दवाइयों से राहत मिल जाए तो धीरे-धीरे शरीर को फिर से ऊर्जा देने के लिए योगासनों का अभ्यास करना बहुत फायदेमंद हो सकता है। इस लेख में कुछ ऐसे योगासन दिए गए हैं जो मलेरिया से ठीक हो रहे मरीजों के लिए बेहद लाभकारी हैं।

वज्रासन

इस आसन के अभ्यास से पाचन ठीक होता है। ये आसन शरीर को आराम देता है और दवाइयों से हुए अपच को दूर करता है। वज्रासन के अभ्यास के लिए घुटनों के बल बैठकर अपने पैरों को पीछे की ओर मोड़ें। पीठ को सीधा रखें और हाथों को घुटनों पर रखें।  गहरी सांस लेते हुए 5-10 मिनट तक इसी स्थिति में बैठें।

भुजंगासन

मलेरिया के मरीजों को थकावट होती है, जिसे दूर करने के लिए भुजंगासन का अभ्यास किया जा सकता है। इससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और ऊर्जा मिलती है। भुजंगासन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेटकर हथेलियों को कंधों के नीचे रखें। सांस लेते हुए छाती को ऊपर उठाएं और नजर सामने रहे। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहने के बाद धीरे से नीचे आएं।

बालासन

बालासन शरीर को विश्राम देता है। तनाव कम करता है और मानसिक ऊर्जा लौटाता है। इसके अभ्यास के लिए घुटनों के बल बैठकर सिर को जमीन पर टिकाएं और हाथों को आगे की ओर फैलाएं।

RELATED ARTICLES

मानसून में भीगना पड़ सकता है भारी, स्किन और बालों की सुरक्षा है जरूरी

मानसून की फुहारें गर्मी से राहत तो देती हैं, लेकिन बिना सावधानी के बारिश में भीगना आपकी त्वचा और बालों की सेहत पर असर...

क्या आप सही तरीके से नहाते हैं? पहले किस अंग पर पानी डालना चाहिए, जानें

नहाना सिर्फ शरीर की सफाई का तरीका नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आदत भी माना जाता है। आयुर्वेद में स्नान को दैनिक...

डायबिटीज का नया जोखिम सामने आया, सिर्फ मोटापा ही नहीं मांसपेशियों की कमजोरी भी जिम्मेदार

14 साल तक 4.79 लाख लोगों पर हुई रिसर्च, शरीर में ज्यादा फैट और कमजोर मांसपेशियों वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम सबसे...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने 25 जुलाई तक शेष कार्य निपटाने के निर्देश दिए

पौड़ी:  आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों तथा...

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के निर्णय का सीएम धामी ने किया स्वागत

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने...

‘द स्कैम-लीक्ड’ का दमदार टीजर आउट, छात्रों के संघर्ष और पेपर लीक का दर्द आएगा नजर

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी बहस के बीच अब इसी विषय पर आधारित एक...

श्रमिक कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – मुख्यमंत्री धामी

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अनेक नई कल्याणकारी...

Recent Comments