ताड़ासन का अभ्यास करने की विधि
स्टेप 1- सबसे पहले एक समतल जगह पर खड़े होकर दोनों पैरों को पास में रखें और हाथों को शरीर के पास रखें। अपनी रीढ़ को सीधा करते हुए कंधे को आराम दें।
स्टेप 2- अब दोनों पैरों पर समान रूप से वजन डालते हुए एड़ियों को स्थिर रखें और पैर के तलवों को जमीन पर मजबूती से टिकाएं।
स्टेप 3- धीरे-धीरे गहरी सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं। हथेलियों को एक-दूसरे के सामने जोड़ें (नमस्कार मुद्रा)।
स्टेप 4- अपने पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचें जैसे आप आसमान को छूना चाह रहे हों। एड़ियों को उठाएं और पंजों के बल खड़े हो जाएं। शरीर को संतुलित रखें और स्थिरता बनाए रखें।
स्टेप 5- सामान्य रूप से सांस लेते रहें और इस स्थिति में 10-30 सेकंड तक रहें। वापस नीचे आते समय सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे हाथों को नीचे लाएं और एड़ियों को जमीन पर रखें।
ताड़ासन के फायदे
शारीरिक मुद्रा में सुधार
ताड़ासन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी को सीधी रहती है और शरीर की मुद्रा में सुधार होता है। दिनभर गलत पोस्चर में बैठने के कारण जो शारीरिक मुद्रा बिगड़ जाती है, इस आसन के अभ्यास से उसमें सुधार हो सकता है।
संतुलन और स्थिरता बढ़ाए
इस आसन के अभ्यास से शरीर का संतुलन बेहतर बनाता है और ये योग मानसिक स्थिरता प्रदान करता है।
लंबाई बढ़ाने में सहायक
बच्चे और किशोरों के लिए ताड़ासन का अभ्यास फायदेमंद है। इस आसन के नियमित अभ्यास से लंबाई बढ़ाने में मदद मिलती है।
पाचन तंत्र में सुधार
ताड़ासन का नियमित अभ्यास पाचन में सुधार लाता है और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। पेट संबंधी समस्याओं से दूर रहने के लिए ताड़ासन का अभ्यास कर सकते हैं।
तनाव को कम करता है
ये आसन मानसिक शांति प्रदान करता है और तनाव व थकान को कम करता है। ताड़ासन के नियमित अभ्यास से बेहतर नींद आती है और मस्तिष्क को आराम मिलता है।
मांसपेशियों को मजबूत बनाना
ताड़ासन का नियमित अभ्यास मांसपेशियों को मजबूती देता है। ये योग क्रिया पैर, हाथ, और पीठ की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है।
ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है
रक्त संचार को सुधारने में मदद मिलती है, जिससे त्वचा में निखार आता है और हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है।