Saturday, April 25, 2026
Home उत्तराखंड चारधामों के कपाट विधि-विधान पूर्वक बंद, छह महीने के लिए यात्रा का...

चारधामों के कपाट विधि-विधान पूर्वक बंद, छह महीने के लिए यात्रा का समापन

देहरादून। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट विधि विधान से बंद होने के साथ ही छह माह के लिए चारधाम यात्रा का पूर्ण रूप समापन हो गया है, लेकिन श्रद्धालुओं को शीतकाल में गद्दीस्थलों पर चारधामों के दर्शन व पूजा अर्चना की सुविधा होगी।

साथ ही जो श्रद्धालु यात्रा के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित धामों में जाने में असमर्थ हैं, वह गद्दीस्थलों पर दर्शन कर सकते हैं। प्रदेश सरकार भी शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दे रही, जिससे राज्य में पूरे साल पर्यटन गतिविधियां चलती रहे। केदारनाथ धाम के कपाट 10 मई को खुले और तीन नवंबर को बंद हुए।

ओंकारेश्वर मंदिर में विराजे बाबा केदार
बाबा केदार की पंचमुखी डोली ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान है। अगले साल अप्रैल-मई में कपाट खुलने से पहले पंचमुखी डोली ऊखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। शीतकाल में बाबा केदार की पूजा अर्चना ऊखीमठ में होती है। यहां पर श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन व पूजा अर्चना कर सकते हैं।

पांडुकेश्वर में विराजमान हुई उद्धव व कुबेर की डोली
बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को खुले थे और 17 नवंबर को बंद हो गए। धाम से उद्धव व कुबेर की डोली पांडुकेश्वर योग बदरी में विराजमान हो गईं हैं, जबकि 19 नवंबर को आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर में पहुंचेगी। पांडुकेश्वर व जोशीमठ में शीतकाल में श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल की पूजा अर्चना व दर्शन कर सकेंगे।

मां यमुना की डोली खरशाली में विराजमान
यमुनोत्री धाम के कपाट हर साल अक्षय तृतीय पर खुलते हैं। इस साल 10 मई को कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हुई। तीन नवंबर को मंदिर के कपाट बंद हुए। अगले साल कपाट खुलने तक मां यमुना डोली खरशाली स्थित यमुना मंदिर में विराजमान है। जहां पर नियमित पूजा अर्चना की जाती है।

मुखवा में गंगोत्री धाम के दर्शन
गंगोत्री धाम के कपाट 10 मई को खुले थे। दो नवंबर को विधि विधान से बंद किए गए। शीतकाल में मां गंगोत्री मुखवा में विराजमान होती है। जहां पर श्रद्धालु अगले साल कपाट खुलने तक पूजा अर्चना व दर्शन कर सकते हैं।

इस बार चारधाम में इतने यात्री पहुंचे

धाम तीर्थयात्रियों की संख्या
केदारनाथ 16,52,070
बदरीनाथ 14,35,401
गंगोत्री 8,18,273
यमुनोत्री 7,14,779
हेमकुंड साहिब 1,83,692

केदारनाथ व बदरीनाथ धाम के शीतकाल गद्दी स्थलों पर श्रद्धालुओं को दर्शन करने के साथ पूजा अर्चना की सुविधा है। बीकेटीसी शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए गद्दी स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं व अवस्थापना विकास के कार्य कर रही है।
– अजेंद्र अजय, अध्यक्ष, बदरी-केदार मंदिर समिति

RELATED ARTICLES

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम स्वराज...

महिला जन आक्रोश रैली में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, देहरादून में जुटी भीड़

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी में शुक्रवार को महिला जन आक्रोश रैली के माध्यम से मातृशक्ति की आवाज बुलंद नजर आई। परेड ग्राउंड में आयोजित इस...

टिहरी सड़क दुर्घटना पर पीएम मोदी ने व्यक्त किया दुःख

टिहरी गढ़वाल। टिहरी जनपद में हुई वाहन दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम स्वराज...

महिला जन आक्रोश रैली में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, देहरादून में जुटी भीड़

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी में शुक्रवार को महिला जन आक्रोश रैली के माध्यम से मातृशक्ति की आवाज बुलंद नजर आई। परेड ग्राउंड में आयोजित इस...

टिहरी सड़क दुर्घटना पर पीएम मोदी ने व्यक्त किया दुःख

टिहरी गढ़वाल। टिहरी जनपद में हुई वाहन दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की...

एआई की मदद से बनी ‘द्रोणाचार्य’ फिल्म का ट्रेलर लॉन्च

एआई तकनीक से तैयार की गई नई फिल्म ‘द्रोणाचार्य’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है, जिसने रिलीज होते ही दर्शकों के बीच उत्सुकता...

Recent Comments