Sunday, March 8, 2026
Home स्वास्थ्य क्या आपके कान में भी बजती है घंटी? हो सकती है ये...

क्या आपके कान में भी बजती है घंटी? हो सकती है ये खतरनाक बीमारी

कान में घंटी, सीटी या सांय-सांय की आवाज आए तो हल्के में न लें, क्योंकि ये खतरनाक बीमारी हो सकता है. यह एक ऐसी अजीब आवाज होती है जो किसी दूसरे को सुनाई नहीं देती है. लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जो धीरे-धीरे गंभीर हो जाती है. दरअसल, कान में इस तरह की आवाज आना टिनिटस बीमारी की वजह से होता है. अगर इसका समय पर इलाज न हो तो इंसान बहरा तक हो सकता है. इतना ही नहीं इससे मानसिक सेहत बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। आइए जानते हैं यह बीमारी कितनी हानिकारक हो सकती है।

टिनिटस बीमारी कितनी खतरनाक
कान के एक नर्व में गड़बड़ी की वजह से टिनिटस बीमारी होती है. इसे दवा या सर्जरी की मदद से कम किया जा सकता है लेकिन अगर यह ज्यादा डैमेज हो जाए तो सोते, जागते या काम करते हुए बड़ी परेशानी बन सकती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कई बार कान में छोटे से ब्?लॉकेज की वजह से भी ये समस्या हो सकती है. हियरिंग लॉस, कान में इंफेक्?शन, साइनस इंफेक्?शन, हार्ट डिजीज, सर्कुलेटरी इंफेक्?शन, ब्रेन ट्यूमर, हार्मोनल बदलाव और थायराइड बढऩे से भी कान में सीटी या घंटी जैसी आवाज आती है।

टिनिटस कब ज्यादा गंभीर
अगर टिनिटस की बीमारी के लगातार नजरअंदाज किया जाए तो फेशियल पैरालिसिस जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है. इससे हमेशा के लिए सुनने की क्षमता खो सकते हैं. कई बार तो इससे परेशान होकर सुसाइड तक का ख्याल आने लगता है. ऐेसे में डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए. इस बीमारी का इलाज अभी तक संभव नहीं हुआ है लेकिन डॉक्टर कुछ थेरेपी और दवाओं की मदद से इसकी परेशानियों को कम कर सकते हैं।

कान में घंटी की आवाज का इलाज क्या है
1. टिनिटस से बचने के लिए साउंड बेस्?ड थेरेपी की मदद ले सकते हैं. इससे बाहर की आवाज बढ़ा दी जाती है, जिससे टिनिटस के लक्षण कम हो जाते हैं।
2. बिहेवियरल थेरेपी की मदद से भी इस बीमारी से बचा जा सकता है. बहुत ज्यादा इमोशनल स्?ट्रेस, इंसोमनिया, डिप्रेशन की वजह से टिनिटस होता है, जिसमें बिहेवियर थेरेपी काम आता है।
3. कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी और प्रोग्रेसिव टिनिटस मैनेजमेंट से भी इस आवाज से छुटकारा पा सकते हैं।
4. टिनिटस को  एंटी एंग्?जायटी ड्रग, एंटी डिप्रेशन से जुड़ी दवाईयों से भी दूर किया जा सकता है. डॉक्टर कान के हालत के हिसाब से दवाईयां लिखते हैं।
5. मानसिक दबाव में भी कान में घंटी की आवाज आती है. ऐसे में तनाव और एंग्?जायटी को दूर करने के लिए एक्सरसाइज, योग, मेडिटेशन, डाइट, सोशल लाइफ को बेहतर बना सकते हैं।

RELATED ARTICLES

पथरी की समस्या को नजरअंदाज न करें, समय रहते उपचार कराना जरूरी

बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह...

युवा और बच्चे भी हो रहे सुनने की परेशानी का शिकार, जानिए क्या हैं कारण

आमतौर पर यह माना जाता है कि सुनने की क्षमता उम्र बढ़ने के साथ कम होती है, लेकिन अब यह समस्या केवल बुजुर्गों तक...

रंगों की होली में कॉन्टैक्ट लेंस से बढ़ सकता है आंखों का खतरा, समझें नुकसान

होली के रंगों के साथ मस्ती करना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन इस उत्साह में अक्सर लोग अपनी आंखों की सुरक्षा को...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

बॉक्स ऑफिस पर ‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की फीकी शुरुआत, पहले दिन नहीं जुटा पाई बड़ी कमाई

फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन की बतौर निर्माता नई फिल्म चरक: फियर ऑफ फेथ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसे विषयों...

पथरी की समस्या को नजरअंदाज न करें, समय रहते उपचार कराना जरूरी

बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह...

देश के विकास और बेहतर शासन के लिए केंद्र सरकार प्रयासरत: अमित शाह

हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने...

टिहरी झील को विश्व मानचित्र पर पर्यटन-खेल के हब के रूप में विकसित किया जाएगा: मुख्यमंत्री

टिहरी।पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हो...

Recent Comments