Friday, July 24, 2026
Home स्वास्थ्य क्या रूट कैनाल ट्रीटमेंट से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा?...

क्या रूट कैनाल ट्रीटमेंट से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा? जानें सच क्या है

ये बात वाकई अजीब लगती है जब कोई कहता है कि दांत की सर्जरी के बाद दिल का दौरा पड़ सकता है. वाकई सोचने वाली बात है कि दांत का दिल से क्या कनेक्शन? अगर आप भी से कंफ्यूजन में है कि यह सच है या सिर्फ एक मिनट तो चलिए आपको बताते हैं इस खबर में आखिर इस बात में कितनी सच्चाई है।

बहुत से लोग रूट कैनाल थेरेपी को एक रेगुलर डेंटल सर्जरी के तौर पर करवाते हैं ताकि दांतों को डैमेज या इन्फेक्टेड होने से बचाया जा सके. एक सुरक्षित माने जाने के बावजूद रूट कैनाल थेरेपी को लेकर यह डाउट जरूर होता है कि इसका संबंध दिल के दौरे से पढ़ सकता है।

रूट कैनाल क्या है?

रूट कैनाल एक डेंटल ऑपरेशन है जिसका उपयोग दांत के कोर से रोगग्रस्त टिशू को निकालने के लिए किया जाता है. आगे के नुकसान को रोकने के लिए, डेंटिस्ट खाली जगह को भरकर बैक्टीरिया और सडऩ को हटाते हैं. कोई दांत जिसे निकालने की जरूरत हो सकती है, उसे इस तकनीक से बचाया जा सकता है. वैसे तो रूट कैनाल ट्रीटमेंट एक सामान्य प्रक्रिया है इसमें किसी भी तरह के समस्याओं की संभावना बहुत कम होती है. क्योंकि लोकल एनेस्थीसिया देकर इसे किया जाता है।

हार्ट अटैक से इसका क्या संबंध?
ऐसे कहा जाता है कि रूट कैनाल ट्रीटमेंट दिल के दौरे या दूसरी हार्ट की समस्याओं से जुड़ा हो सकता है. यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से सच है जिनका हार्ट डिसीज  की कोई हिस्ट्री नहीं है. दरअसल ये डर इस बात से निकाल कर आया है कि रूट कैनाल प्रक्रिया के दौरान लोक बैक्टीरिया ब्लड स्ट्रीम में इंटर कर सकते हैं जिससे हार्ट सहित शरीर के बाकी अंगों में सूजन या इंफेक्शन हो सकता है।
एंडोडोंटिक थेरेपी और इंसिडेंट कार्डियोवैस्कुलर डिजीज: द एथेरोस्क्लेरोसिस रिस्क इन कम्युनिटीज स्टडी के अध्ययन के अनुसार, इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं हैं कि रूट कैनाल ट्रीटमेंट सीधे दिल के दौरे का कारण बनते हैं।

ओरल हेल्थ हार्ट डिसीज से कैसे जुड़ा है?
हालाँकि रूट कैनाल के इस्तेमाल से सीधे हार्ट अटैक  होने का पता नहीं चला है, लेकिन हार्ट डिसीज और डेंटल हेल्थ के बीच एक स्ट्रांग कनेक्शन है. बैड डेंटल हाइजीन  मसूड़ों की बीमारी जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है, जो बैक्टीरिया को ब्लड फ्लो में प्रवेश करने की अनुमति देकर हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को बढ़ाती है. मसूड़ों की बीमारी वाले लोगों में हार्ट डिसीज अधिक आम हैं, लेकिन यह जोखिम सीधे रूट कैनाल थेरेपी से जुड़ा नहीं है बल्कि, यह ओवरऑल डेंटल हेल्थ से संबंधित है।

क्या रूट कैनाल ट्रीटमेंट से डरने की जरूरत है ?
अगर आप अच्छी ओरल हाइजीन मेंटेन करके रखते हैं और आपके हाथ से जुड़ी कोई समस्या नहीं है तो रूट कैनाल ट्रीटमेंट करवाने के बारे में चिंता करने की कोई वजह नहीं है. यह एक नॉर्मल ट्रीटमेंट है, तो आपके हार्ट को कोई बड़ा जोखिम दिए बिना डेंटल हेल्थ को बनाए रखने में मदद करती है. पहले से हार्ट डिजीज वाले मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत जरूर हो सकती है।

RELATED ARTICLES

मानसून में भीगना पड़ सकता है भारी, स्किन और बालों की सुरक्षा है जरूरी

मानसून की फुहारें गर्मी से राहत तो देती हैं, लेकिन बिना सावधानी के बारिश में भीगना आपकी त्वचा और बालों की सेहत पर असर...

क्या आप सही तरीके से नहाते हैं? पहले किस अंग पर पानी डालना चाहिए, जानें

नहाना सिर्फ शरीर की सफाई का तरीका नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आदत भी माना जाता है। आयुर्वेद में स्नान को दैनिक...

डायबिटीज का नया जोखिम सामने आया, सिर्फ मोटापा ही नहीं मांसपेशियों की कमजोरी भी जिम्मेदार

14 साल तक 4.79 लाख लोगों पर हुई रिसर्च, शरीर में ज्यादा फैट और कमजोर मांसपेशियों वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम सबसे...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने 25 जुलाई तक शेष कार्य निपटाने के निर्देश दिए

पौड़ी:  आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों तथा...

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के निर्णय का सीएम धामी ने किया स्वागत

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने...

‘द स्कैम-लीक्ड’ का दमदार टीजर आउट, छात्रों के संघर्ष और पेपर लीक का दर्द आएगा नजर

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी बहस के बीच अब इसी विषय पर आधारित एक...

श्रमिक कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – मुख्यमंत्री धामी

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अनेक नई कल्याणकारी...

Recent Comments