Friday, July 24, 2026
Home स्वास्थ्य कुर्सी को कहें बाय बाय…आपको सेहतमंद बना देगी जमीन पर बैठने की...

कुर्सी को कहें बाय बाय…आपको सेहतमंद बना देगी जमीन पर बैठने की आदत-

जमीन पर बैठना प्राचीन भारतीय संस्कृति रही है। हमारे यहां खाना खाने से लेकर शिक्षा पाने तक कई काम जमीन पर ही बैठकर ही किए जाते थे। लेकिन समय बदलने के साथ अब कुर्सी और सोफे ने अपनी जगह बना ली है। यह सच है कि इन चीजों से हमारी लाइफस्टाइल बदली हैं और सुविधाएं भी बढ़ी हैं लेकिन इससे सेहत से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ी हैं। जमीन पर बैठना सिर्फ हमारी संस्कृति ही नहीं थी, इससे कई तरह के हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं. जमीन पर बैठने के फायदे अगर आप जान लेंगे तो यकीन मानिए कुर्सी पर बैठना छोड़ देंगे।

जमीन पर बैठने के 5 जबरदस्त फायदे:-

माइंड पॉजिटिव रहता है-

जमीन पर बैठने से मन में पॉजिटिविटी बढ़ती है। इससे दिल-दिमाग से निगेटिविटी का सफाया हो जाता है। अगर आप हर दिन 10 से 15 मिनट ही जमीन पर बैठते हैं तो खुद में एक अलग तरह की एनर्जी महसूस करेंगे।

बॉडी फ्लैक्सिबल बनती है-

जमीन पर बैठने और उठने में शरीर के सभी मुख्य जोड़ों का इस्तेमाल होता है। कई मांसपेशियां भी इसमें वर्क करती हैं. रोजाना जमीन पर बैठना एक तरह की एक्सरसाइज ही है। नियमित तौर पर इसकी प्रैक्टिस बॉडी को फ्लैक्सिबल बनाती है।

दिमाग के लिए फायदेमंद-

पद्मासन और सुखासन की तरह ही जमीन पर बैठना भी दिमाग के लिए बेहद फायदेमंद होता है। अगर आपका मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है या किसी चीज में दिमाग नहीं काम कर रहा तो जमीन पर बैठने का आदत डालनी चाहिए।

बॉडी पोश्चर बेहतर होती है-

अगर आप रोजाना जमीन पर बैठते हैं तो आपकी बॉडी पोश्चर सुधरती है। चूंकि हर दिन जमीन पर बैठने से मांसपेशियां और जोड़े काम करते हैं, उनका इस्तेमाल होता है, इससे पोश्चर में सुधार होता है।

पाचन तंत्र दुरुस्त होता है-

जमीन पर बैठने से पाचन क्रिया अच्छी होती है। जमीन पर बैठकर भोजन करना पेट के लिए फायदेमंद होता है। इससे पाचन तंत्र की समस्याएं कम होती हैं। इसलिए रोजाना जमीन पर जरूर बैठें। हो सके तो खाना जमीन पर ही बैठकर खाएं।

RELATED ARTICLES

मानसून में भीगना पड़ सकता है भारी, स्किन और बालों की सुरक्षा है जरूरी

मानसून की फुहारें गर्मी से राहत तो देती हैं, लेकिन बिना सावधानी के बारिश में भीगना आपकी त्वचा और बालों की सेहत पर असर...

क्या आप सही तरीके से नहाते हैं? पहले किस अंग पर पानी डालना चाहिए, जानें

नहाना सिर्फ शरीर की सफाई का तरीका नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आदत भी माना जाता है। आयुर्वेद में स्नान को दैनिक...

डायबिटीज का नया जोखिम सामने आया, सिर्फ मोटापा ही नहीं मांसपेशियों की कमजोरी भी जिम्मेदार

14 साल तक 4.79 लाख लोगों पर हुई रिसर्च, शरीर में ज्यादा फैट और कमजोर मांसपेशियों वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम सबसे...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने 25 जुलाई तक शेष कार्य निपटाने के निर्देश दिए

पौड़ी:  आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों तथा...

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के निर्णय का सीएम धामी ने किया स्वागत

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने...

‘द स्कैम-लीक्ड’ का दमदार टीजर आउट, छात्रों के संघर्ष और पेपर लीक का दर्द आएगा नजर

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी बहस के बीच अब इसी विषय पर आधारित एक...

श्रमिक कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – मुख्यमंत्री धामी

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अनेक नई कल्याणकारी...

Recent Comments