मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां पुष्प उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ व्यावसायिक पुष्प खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि कृषि और बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति पर प्रभावी रूप से कार्य कर रही है। इन योजनाओं के तहत आधुनिक बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है और किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश में कृषि को लाभकारी बनाते हुए किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।






