Friday, July 24, 2026
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गले की सूजन को हल्के में न लें, हो सकता है थायराइड का संकेत

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थायराइड एक ऐसी बीमारी बन चुकी है, जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर कर देती है। गले के निचले हिस्से में मौजूद यह छोटी-सी ग्रंथि शरीर की ऊर्जा, वजन, तापमान और दिल की धड़कन को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती है। अक्सर लोग गले में हल्का भारीपन या सूजन को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यही थायराइड असंतुलन का पहला संकेत हो सकता है।

थायराइड ग्रंथि जब जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है तो उसे हाइपरथायरायडिज्म कहा जाता है, वहीं हार्मोन की कमी की स्थिति हाइपोथायरायडिज्म कहलाती है। दोनों ही हालात शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं। समय रहते इलाज न होने पर यह समस्या हृदय, मानसिक स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता तक पर असर डाल सकती है।

थायराइड से जुड़ा सबसे आम बदलाव वजन में दिखाई देता है। बिना अधिक खाने के वजन बढ़ना हार्मोन की कमी की ओर इशारा करता है, जबकि अचानक वजन कम होना हार्मोन की अधिकता का संकेत हो सकता है। इसके साथ ही दिनभर थकान महसूस होना, सुस्ती और काम में मन न लगना भी इस बीमारी के शुरुआती लक्षण माने जाते हैं।

यह ग्रंथि शरीर के तापमान को नियंत्रित करती है, इसलिए थायराइड बिगड़ने पर किसी को अत्यधिक ठंड लगने लगती है, तो किसी को हल्की गर्मी में भी पसीना आने लगता है। त्वचा का रूखा होना, बालों का तेजी से झड़ना और नाखूनों का कमजोर होना भी इसके आम संकेतों में शामिल है।

थायराइड हार्मोन का सीधा असर दिल और दिमाग पर भी पड़ता है। धड़कन का तेज या धीमा होना, घबराहट, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी और याददाश्त कमजोर होना इसकी पहचान हो सकती है। महिलाओं में पीरियड्स का अनियमित होना भी अक्सर थायराइड असंतुलन से जुड़ा पाया गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अगर गले में सूजन महसूस हो या एक साथ कई लक्षण नजर आएं, तो ब्लड टेस्ट कराना जरूरी है। संतुलित आहार, आयोडीन की पर्याप्त मात्रा और तनाव से दूरी थायराइड को नियंत्रित रखने में मदद करती है। सही समय पर जांच और नियमित इलाज से थायराइड को पूरी तरह कंट्रोल में रखा जा सकता है।

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