Sunday, October 25, 2026
Home स्वास्थ्य “विंटर अलर्ट: अस्थमा मरीजों के लिए बढ़ा खतरा, विशेषज्ञ बोले—छोटी गलतियाँ बना...

“विंटर अलर्ट: अस्थमा मरीजों के लिए बढ़ा खतरा, विशेषज्ञ बोले—छोटी गलतियाँ बना सकती हैं हालात गंभीर”

सर्दियों का मौसम अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए हर साल नई चुनौतियां लेकर आता है। तापमान गिरते ही अस्थमा के अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ठंडी और शुष्क हवा सांस की नलियों को संकुचित कर देती है, जिससे उनमें सूजन बढ़ने लगती है। इसके अलावा जीवनशैली से जुड़ी कुछ सामान्य गलतियां भी अस्थमा को गंभीर रूप से ट्रिगर करती हैं।

अस्थमा मरीजों की सांस नलियां पहले से ही अत्यंत संवेदनशील होती हैं, ऐसे में हल्का सा ट्रिगर भी तीव्र प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकता है। चिकित्सकों का कहना है कि सर्दियों में इन छोटी-छोटी आदतों पर ध्यान न देने से अस्थमा अनियंत्रित हो सकता है, जो लंबे समय में फेफड़ों को स्थायी क्षति पहुंचाने तक का जोखिम पैदा करता है।

प्रदूषण और संक्रमण बन रहे मुख्य कारक

सर्दियों के महीनों में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ता है, जो अस्थमा के प्रमुख ट्रिगर्स में से एक है। विशेषज्ञों के अनुसार उच्च AQI में बिना मास्क के बाहर निकलना, घर के अंदर धूपबत्ती या मच्छर कॉइल का उपयोग करना फेफड़ों में सीधे सूजन बढ़ाता है। वहीं सर्दी-ज़ुकाम और फ्लू जैसे वायरल संक्रमण भी अस्थमा को गंभीर कर देते हैं।

अचानक तापमान परिवर्तन से बढ़ता जोखिम

ठंड में गर्म कमरे से सीधे बाहर निकलना या बहुत गर्म पानी से नहाकर तुरंत ठंडी हवा में जाना सांस नलियों को झटका देता है, जिससे अटैक का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि बाहर निकलते समय नाक और मुंह को स्कार्फ या मास्क से ढकना जरूरी है।

इन्हेलर और दवाओं में अनियमितता से स्थिति बिगड़ती है

अस्थमा से पीड़ित कई लोग लक्षणों में सुधार महसूस होते ही निवारक इन्हेलर या नियमित दवाओं का उपयोग कम कर देते हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ऐसा करने से फेफड़ों की सूजन फिर से बढ़ सकती है और मामूली प्रदूषण या ठंड भी गंभीर अटैक का कारण बन सकती है।

कम पानी पीना और व्यायाम की कमी भी हानिकारक

सर्दियों में पानी का सेवन कम होने से डिहाइड्रेशन होता है, जिससे बलगम गाढ़ा होकर सांस की नलियों में जमने लगता है। घर के अंदर हल्का व्यायाम, योग या वॉक न करने से फेफड़ों की क्षमता भी प्रभावित होती है।

नोट: यह रिपोर्ट मेडिकल रिसर्च और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है।

RELATED ARTICLES

सेहत के लिए गुणकारी है तुलसी, पेट की समस्याओं से लेकर तनाव तक में मिल सकता है लाभ

भारतीय घरों में पूजनीय मानी जाने वाली तुलसी का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में किया जाता रहा है। तुलसी की पत्तियों...

मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए केवल विटामिन C और D काफी नहीं, इन पोषक तत्वों पर भी दें ध्यान

शरीर को संक्रमण और बीमारियों से बचाने में प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्युनिटी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को वायरस, बैक्टीरिया...

देहरादून में डेंगू के मामलों में तेजी, 17 दिन में 304 मरीजों की पुष्टि

नई दिल्ली-  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डेंगू का डंक एक बार फिर तेजी से असर दिखा रहा है। अक्तूबर महीने में डेंगू के मामलों...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -



Most Popular

क्या ईरान पर फिर बरसेगा अमेरिका का कहर? ट्रंप ने दी सैन्य हमले की धमकी

वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी...

सेहत के लिए गुणकारी है तुलसी, पेट की समस्याओं से लेकर तनाव तक में मिल सकता है लाभ

भारतीय घरों में पूजनीय मानी जाने वाली तुलसी का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में किया जाता रहा है। तुलसी की पत्तियों...

फौजी’ का धमाकेदार टीजर आउट, प्रभास की फिल्म की रिलीज डेट का हुआ ऐलान

साउथ सिनेमा के सुपरस्टार प्रभास के जन्मदिन के मौके पर उनकी आगामी फिल्म ‘फौजी’ का टीजर रिलीज कर दिया गया है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर...

देहरादून के पल्टन बाजार में यातायात व्यवस्था होगी दुरुस्त, अतिक्रमण के खिलाफ चलेगा अभियान

देहरादून, 23 अक्टूबर 2026 (सूवि)-  त्यौहारी सीजन के दृष्टिगत शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने, बाजारों में भीड़ प्रबंधन तथा आमजन की सुरक्षा...

Recent Comments

A WordPress Commenter on Hello world!