Saturday, October 24, 2026
Home स्वास्थ्य “मोटापे के मामलों में इजाफे के पीछे जलवायु परिवर्तन, वैज्ञानिकों की चेतावनी”

“मोटापे के मामलों में इजाफे के पीछे जलवायु परिवर्तन, वैज्ञानिकों की चेतावनी”

दुनियाभर में लगातार बढ़ता मोटापा अब सिर्फ गलत खानपान और भागदौड़ भरी दिनचर्या का नतीजा नहीं रह गया है। नई वैज्ञानिक रिपोर्टें बताती हैं कि बदलती जलवायु भी इंसानी वजन बढ़ने में एक छुपे हुए कारक की तरह काम कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में हो रही बढ़ोतरी और वातावरण में बढ़ती कार्बन डाइऑक्साइड हमारे भोजन की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित कर रही है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें, जैसे कम शारीरिक गतिविधि, तनाव और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन तो मोटापे को बढ़ाते ही हैं, लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण हमारी रोजमर्रा की फसलों में भी पोषक तत्वों की मात्रा कम होने लगी है। परिणामस्वरूप लोग ज्यादा कैलोरी और कम पोषण वाला भोजन खा रहे हैं, जो धीरे-धीरे वजन बढ़ाने की स्थिति बना रहा है।

नीदरलैंड्स के वैज्ञानिकों की एक टीम ने बताया कि हवा में CO2 के बढ़ते स्तर से चावल, गेहूं, जौ और अन्य प्रमुख फसलों में शर्करा और स्टार्च का स्तर बढ़ रहा है, जबकि उनमें मौजूद प्रोटीन, आयरन और जिंक जैसे अहम पोषक तत्व घटते जा रहे हैं। इसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है क्योंकि ऐसी फसलें अधिक ऊर्जा देने वाली लेकिन कम पोषण मूल्य की बन रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, उच्च CO2 वाले इलाकों में उगाई गई फसलों में पोषक तत्वों की कमी 4% से लेकर 30% से अधिक तक दर्ज की गई। चावल और गेहूं जैसे मुख्य अनाज भी इससे बुरी तरह प्रभावित पाए गए, जबकि चने में मिलने वाले जिंक की मात्रा में तुलनात्मक रूप से सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई।

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रही तो दुनिया के एक बड़े हिस्से के लिए पौष्टिक भोजन की उपलब्धता चुनौती बन सकती है। पोषण में कमी न सिर्फ मोटापा बढ़ाएगी, बल्कि प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने, क्रॉनिक बीमारियों के उभरने और संपूर्ण स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

विशेषज्ञ इस स्थिति को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहते हैं कि खाद्य सुरक्षा को केवल मात्रा के हिसाब से नहीं, बल्कि गुणवत्ता के आधार पर भी समझने की जरूरत है। अगर तुरंत समाधान नहीं खोजे गए तो बदलता मौसम मानव स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी समस्या बन सकता है।

RELATED ARTICLES

सेहत के लिए गुणकारी है तुलसी, पेट की समस्याओं से लेकर तनाव तक में मिल सकता है लाभ

भारतीय घरों में पूजनीय मानी जाने वाली तुलसी का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में किया जाता रहा है। तुलसी की पत्तियों...

मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए केवल विटामिन C और D काफी नहीं, इन पोषक तत्वों पर भी दें ध्यान

शरीर को संक्रमण और बीमारियों से बचाने में प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्युनिटी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को वायरस, बैक्टीरिया...

देहरादून में डेंगू के मामलों में तेजी, 17 दिन में 304 मरीजों की पुष्टि

नई दिल्ली-  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डेंगू का डंक एक बार फिर तेजी से असर दिखा रहा है। अक्तूबर महीने में डेंगू के मामलों...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -



Most Popular

क्या ईरान पर फिर बरसेगा अमेरिका का कहर? ट्रंप ने दी सैन्य हमले की धमकी

वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी...

सेहत के लिए गुणकारी है तुलसी, पेट की समस्याओं से लेकर तनाव तक में मिल सकता है लाभ

भारतीय घरों में पूजनीय मानी जाने वाली तुलसी का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में किया जाता रहा है। तुलसी की पत्तियों...

फौजी’ का धमाकेदार टीजर आउट, प्रभास की फिल्म की रिलीज डेट का हुआ ऐलान

साउथ सिनेमा के सुपरस्टार प्रभास के जन्मदिन के मौके पर उनकी आगामी फिल्म ‘फौजी’ का टीजर रिलीज कर दिया गया है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर...

देहरादून के पल्टन बाजार में यातायात व्यवस्था होगी दुरुस्त, अतिक्रमण के खिलाफ चलेगा अभियान

देहरादून, 23 अक्टूबर 2026 (सूवि)-  त्यौहारी सीजन के दृष्टिगत शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने, बाजारों में भीड़ प्रबंधन तथा आमजन की सुरक्षा...

Recent Comments

A WordPress Commenter on Hello world!