Sunday, October 25, 2026
Home स्वास्थ्य कम उम्र में लिवर बीमारियों का बढ़ता खतरा – क्या हैं वजहें?

कम उम्र में लिवर बीमारियों का बढ़ता खतरा – क्या हैं वजहें?

हम अक्सर अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ कर देते हैं और अनजाने में ही अपने शरीर के सबसे अहम अंग – लिवर – के दुश्मन बन बैठते हैं। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और नशे की लत ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अब न सिर्फ बुजुर्ग बल्कि युवा भी तेजी से क्रॉनिक बीमारियों और लिवर रोगों का शिकार हो रहे हैं। अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दशकों में यह समस्या देश की बड़ी आबादी को प्रभावित कर सकती है, जिसका सीधा असर अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ेगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट बताती है कि हर साल करीब 20 लाख लोग लिवर से जुड़ी बीमारियों के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। हृदय रोग और कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच अब लिवर रोगों की महामारी की चेतावनी और चिंता बढ़ा रही है।

भारत में भी स्थिति गंभीर है। विशेषज्ञ बताते हैं कि नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिज़ीज (NAFLD) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो करीब 38% वयस्कों और 35% बच्चों को प्रभावित कर रहा है। मोटापा, जंक फूड और गतिहीन जीवनशैली इसके बड़े कारण हैं। लेकिन सबसे खतरनाक वजह मानी जा रही है – अल्कोहल। डॉक्टरों का मानना है कि शराब की थोड़ी मात्रा भी लिवर के लिए घातक साबित हो सकती है।

शोधों में पाया गया है कि लगातार शराब पीना लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे सिरोसिस, फाइब्रोसिस और लिवर कैंसर जैसी घातक बीमारियां हो सकती हैं। यही वजह है कि विशेषज्ञ अल्कोहल को लिवर रोगों का सबसे बड़ा खतरा मानते हैं।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी हाल ही में कहा था कि देश में हर तीसरा व्यक्ति फैटी लिवर डिजीज से ग्रसित हो सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर सलाह देते हैं – शराब से दूरी और जीवनशैली में सुधार ही लिवर को स्वस्थ बनाए रखने का सबसे कारगर तरीका है।

संक्षेप में, अगर हमें आने वाले सालों में लिवर रोगों की महामारी से बचना है, तो अभी से सतर्क होना होगा। संतुलित खानपान, नियमित व्यायाम और नशे से परहेज ही इस खतरे को टालने का एकमात्र उपाय है।

RELATED ARTICLES

सेहत के लिए गुणकारी है तुलसी, पेट की समस्याओं से लेकर तनाव तक में मिल सकता है लाभ

भारतीय घरों में पूजनीय मानी जाने वाली तुलसी का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में किया जाता रहा है। तुलसी की पत्तियों...

मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए केवल विटामिन C और D काफी नहीं, इन पोषक तत्वों पर भी दें ध्यान

शरीर को संक्रमण और बीमारियों से बचाने में प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्युनिटी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को वायरस, बैक्टीरिया...

देहरादून में डेंगू के मामलों में तेजी, 17 दिन में 304 मरीजों की पुष्टि

नई दिल्ली-  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डेंगू का डंक एक बार फिर तेजी से असर दिखा रहा है। अक्तूबर महीने में डेंगू के मामलों...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -



Most Popular

क्या ईरान पर फिर बरसेगा अमेरिका का कहर? ट्रंप ने दी सैन्य हमले की धमकी

वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी...

सेहत के लिए गुणकारी है तुलसी, पेट की समस्याओं से लेकर तनाव तक में मिल सकता है लाभ

भारतीय घरों में पूजनीय मानी जाने वाली तुलसी का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में किया जाता रहा है। तुलसी की पत्तियों...

फौजी’ का धमाकेदार टीजर आउट, प्रभास की फिल्म की रिलीज डेट का हुआ ऐलान

साउथ सिनेमा के सुपरस्टार प्रभास के जन्मदिन के मौके पर उनकी आगामी फिल्म ‘फौजी’ का टीजर रिलीज कर दिया गया है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर...

देहरादून के पल्टन बाजार में यातायात व्यवस्था होगी दुरुस्त, अतिक्रमण के खिलाफ चलेगा अभियान

देहरादून, 23 अक्टूबर 2026 (सूवि)-  त्यौहारी सीजन के दृष्टिगत शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने, बाजारों में भीड़ प्रबंधन तथा आमजन की सुरक्षा...

Recent Comments

A WordPress Commenter on Hello world!