Friday, July 24, 2026
Home स्वास्थ्य “ब्लू लाइट का असर: मोबाइल–कंप्यूटर की रोशनी बना सकती है आपको समय...

“ब्लू लाइट का असर: मोबाइल–कंप्यूटर की रोशनी बना सकती है आपको समय से पहले वृद्ध”

आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में मोबाइल और कंप्यूटर हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन क्लास या फिर दोस्तों से बातचीत—हर जगह स्क्रीन हमारे साथ रहती है। लेकिन यह सुविधा धीरे-धीरे हमारे स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। खासकर गैजेट्स से निकलने वाली नीली रोशनी (ब्लू लाइट) हमारी आंखों, दिमाग और त्वचा पर गहरा असर डाल रही है।

कई शोध बताते हैं कि लंबे समय तक स्क्रीन पर नज़रें गड़ाए रखने से न सिर्फ नींद खराब होती है, बल्कि यह समय से पहले बुढ़ापा (Premature Ageing) भी ला सकती है। लगातार ब्लू लाइट के संपर्क में रहने से थकान, हार्मोनल असंतुलन, त्वचा पर झुर्रियां और यहां तक कि मानसिक तनाव जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग घंटों कमरे या ऑफिस के अंदर काम करते हैं और बाहर धूप या प्राकृतिक रोशनी से दूर रहते हैं, उनके शरीर में विटामिन-डी की कमी और मोटापे जैसी परेशानियां जल्दी सामने आती हैं। अगर इसके साथ ब्लू लाइट का असर जुड़ जाए तो स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ जाते हैं।

अमेरिका की ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि लगातार ब्लू लाइट के संपर्क में रहने से शरीर की जैविक घड़ी (Biological Clock) प्रभावित होती है। यह न सिर्फ नींद और ऊर्जा स्तर बिगाड़ती है, बल्कि कोशिकाओं की कार्यक्षमता भी कम करती है। पशुओं पर हुए इस रिसर्च में स्पष्ट हुआ कि ब्लू लाइट ने उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर दिया और मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाया।

नींद पर असर, मोटापे का खतरा और त्वचा की चमक खोना—ये सब ब्लू लाइट की वजह से होने वाले दुष्प्रभाव हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि लंबे समय तक स्क्रीन से निकलने वाली यह रोशनी त्वचा पर झुर्रियां, दाग-धब्बे और समय से पहले बुढ़ापा लाने में अहम भूमिका निभाती है।

अगर आप भी दिनभर मोबाइल और लैपटॉप में डूबे रहते हैं, तो अब वक्त आ गया है कि सावधान हो जाएं और स्क्रीन टाइम को कम करें। प्राकृतिक रोशनी और बाहर की ताज़ी हवा आपके स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए बेहद जरूरी है।

RELATED ARTICLES

मानसून में भीगना पड़ सकता है भारी, स्किन और बालों की सुरक्षा है जरूरी

मानसून की फुहारें गर्मी से राहत तो देती हैं, लेकिन बिना सावधानी के बारिश में भीगना आपकी त्वचा और बालों की सेहत पर असर...

क्या आप सही तरीके से नहाते हैं? पहले किस अंग पर पानी डालना चाहिए, जानें

नहाना सिर्फ शरीर की सफाई का तरीका नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आदत भी माना जाता है। आयुर्वेद में स्नान को दैनिक...

डायबिटीज का नया जोखिम सामने आया, सिर्फ मोटापा ही नहीं मांसपेशियों की कमजोरी भी जिम्मेदार

14 साल तक 4.79 लाख लोगों पर हुई रिसर्च, शरीर में ज्यादा फैट और कमजोर मांसपेशियों वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम सबसे...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने 25 जुलाई तक शेष कार्य निपटाने के निर्देश दिए

पौड़ी:  आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों तथा...

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के निर्णय का सीएम धामी ने किया स्वागत

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने...

‘द स्कैम-लीक्ड’ का दमदार टीजर आउट, छात्रों के संघर्ष और पेपर लीक का दर्द आएगा नजर

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी बहस के बीच अब इसी विषय पर आधारित एक...

श्रमिक कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – मुख्यमंत्री धामी

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अनेक नई कल्याणकारी...

Recent Comments