Friday, July 24, 2026
Home राष्ट्रीय आखिरकार खत्म हुआ भारत के 40 दिन का इंतजार, चंद्रमा के दक्षिणी...

आखिरकार खत्म हुआ भारत के 40 दिन का इंतजार, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश बना भारत 

देहरादून/नई दिल्ली- 40 दिन का भारत का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। पृथ्वी से चंद्रमा तक 3.84 लाख किलोमीटर का सफर तय करने के बाद चंद्रयान-3 का लैंडर विक्रम चंद्रमा की धरती पर कामयाबी के साथ उतर गया। इसी के साथ भारत चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला रूस, अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बन गया है। वहीं, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। अब नजरें प्रज्ञान रोवर पर है, जो स्थितियां सामान्य होने के बाद चांद की सतह पर चलेगा। इसके एक पहिये पर इसरो का चिह्न और दूसरे पहिये पर अशोक स्तंभ उकेरा हुआ है। जैसे ही प्रज्ञान रोवर चलना शुरू करेगा, इसरो का चिह्न और अशोक स्तंभ चंद्रमा की सतह पर अंकित हो जाएगा।

चंद्रयान-3 के लिए अब अगले कुछ पड़ाव महत्वपूर्ण हैं। 

1. रोवर बाहर आएगा
2. 14 दिन क्या होगा
3. इसरो को क्या जानकारी भेजेगा

चंद्रयान-3 ने कैसे रच दिया इतिहास?
इसरो के अधिकारियों के मुताबिक, चंद्रयान-3 मिशन चंद्रयान-2 का ही अगला चरण है, जो चंद्रमा की सतह पर उतरेगा और परीक्षण करेगा। यह चंद्रयान-2 की तरह ही दिखता है, जिसमें एक लैंडर और एक रोवर शामिल किए गए हैं। चंद्रयान-3 का फोकस चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंड करने पर है। मिशन की सफलता के लिए नए उपकरण बनाए गए हैं। एल्गोरिदम को बेहतर किया गया है। जिन वजहों से चंद्रयान-2 मिशन चंद्रमा की सतह नहीं उतर पाया था, उन पर फोकस किया गया है।

मिशन ने 14 जुलाई को दोपहर 2:35 बजे श्रीहरिकोटा केन्द्र से उड़ान भरी और योजना के अनुसार आज चंद्रमा पर उतरा। यह मिशन भारत को अमेरिका, रूस और चीन के बाद चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया।

पिछले दो मिशन
चंद्रयान-1
यह अक्तूबर 2008 में भेजा गया था। चंद्रमा पर पानी की संभावना की खोज कर यह इतिहास रच चुका है। इसी के बाद विश्व की तमाम अंतरिक्ष एजेंसियों की चंद्रमा को लेकर उत्सुकता बढ़ गई।

चंद्रयान-2
जुलाई 2019: यह यान आज भी चंद्रमा की सौ किलोमीटर की कक्षा में घूम रहा है। इसे एक साल तक ही चलना था, लेकिन अब तक यह हमें जानकारी भेज रहा है। इसमें विश्व का सबसे बेहतरीन कैमरा लगा है, जो चंद्रमा के लगभग हर हिस्से की तस्वीरें ले चुका है।

RELATED ARTICLES

NEET री-एग्जाम की सुरक्षा के लिए सरकार ने टेलीग्राम पर लगाई अस्थायी रोक

नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म...

प्रधानमंत्री मोदी का जोर—शहरी विकास से ही आगे बढ़ेगा भारत

तिरुवनंतपुरम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भव्य रोड शो किया। थंपानूर ओवरब्रिज से पुथरिकंडम मैदान तक निकाले गए...

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शौर्य यात्रा में लिया भाग, राष्ट्र को प्रेरक संदेश

सोमनाथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा में सहभागिता कर आस्था, साहस और सांस्कृतिक विरासत के प्रति देश की प्रतिबद्धता...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कांवड़ मेले की तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने 25 जुलाई तक शेष कार्य निपटाने के निर्देश दिए

पौड़ी:  आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों तथा...

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के निर्णय का सीएम धामी ने किया स्वागत

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने...

‘द स्कैम-लीक्ड’ का दमदार टीजर आउट, छात्रों के संघर्ष और पेपर लीक का दर्द आएगा नजर

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी बहस के बीच अब इसी विषय पर आधारित एक...

श्रमिक कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – मुख्यमंत्री धामी

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अनेक नई कल्याणकारी...

Recent Comments