Sunday, March 8, 2026
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भगवान तुंगनाथ के कपाट शीतकाल हेतु हुए बंद, दर्शन करने पहुंचे डेढ़ लाख से अधिक भक्त

रुद्रप्रयाग।तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट आज सुबह 11:30 बजे शुभ मुहूर्त में शीतकाल के लिए बंद हो गए. कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली ने प्रथम पड़ाव चोपता के लिए प्रस्थान किया. इस मौके पर मंदिर को फूलों से सजाया गया था. इस दौरान 500 से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी रहे।

6 नवंबर सुबह भगवान तुंगनाथ जी का मंदिर श्रद्धालुओं को दर्शनार्थ खोला गया. इसके बाद नित्य पूजा-अर्चना संपन्न हुई और तीर्थयात्रियों ने मंदिर में दर्शन किए. बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की उपस्थिति में साढ़े दस बजे से कपाट बंद की प्रक्रिया शुरू हो गई. भोग यज्ञ हवन पूजा के बाद भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप दिया गया और साढ़े 11.30 बजे श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल हेतु बंद कर दिए गए।

इससे पहले श्री तुंगनाथ जी की चलविग्रह डोली मंदिर के अंदर से परिसर में विराजमान हुई. मंदिर की परिक्रमा और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए ढोल नगाड़ों के साथ समारोह पूर्वक प्रथम पड़ाव चोपता के लिए प्रस्थान हुई. इस अवसर पर बाबा तुंगनाथ जी के जय घोष से वातावरण गूंज उठा।

श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने तृतीय केदार श्री तुंगनाथ के कपाट बंद होने के अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं. बताया कि इस यात्रा वर्ष डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री तुंगनाथ जी के दर्शन का पुण्य अर्जित किया. कहा कि श्री तुंगनाथ जी की चलविग्रह डोली के श्री मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंचने के बाद श्री तुंगनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जाएंगी. मंदिर समिति शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करेगी.

बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कपर्वाण और उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल समेत सभी बीकेटीसी सदस्यों ने श्री तुंगनाथ जी कपाट बंद होने के अवसर पर प्रसन्नता जताई और कहा श्री तुंगनाथ जी की यात्रा अपेक्षा के अनुरूप रही.

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आज श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद भगवान श्री तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली प्रथम पड़ाव चौपता प्रवास हेतु प्रस्थान हुई. कल शुक्रवार 7 नवंबर दूसरे पड़ाव भनकुन प्रवास करेगी. चल विग्रह डोली शनिवार 8 नवंबर को शीतकालीन गद्दी स्थल श्री मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंचेगी.

बता दें कि 22 अक्टूबर को गंगोत्री धाम के कपाट बंद किए गए. जबकि 23 अक्टूबर को केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद हुए थे. वहीं 25 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद किए जाएंगे।

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