Sunday, March 8, 2026
Home उत्तराखंड मुख्यमंत्री धामी ने हिंदी दिवस कार्यक्रम में दी साहित्य सेवियों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री धामी ने हिंदी दिवस कार्यक्रम में दी साहित्य सेवियों को श्रद्धांजलि

देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी दिवस के अवसर पर आई०आर०डी०टी० सभागार, देहरादून में आयोजित ‘उत्तराखण्ड दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान समारोह’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश व देश भर से पधारे साहित्यकारों, कवियों तथा भाषा प्रेमियों को संबोधित किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने साहित्यकार शैलेश मटियानी, गिरीश तिवारी, शेरदा अनपढ़ एवं हीरा सिंह राणा को मरणोपरान्त “उत्तराखण्ड दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान 2025” से सम्मानित किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने श्री सोमवारी लाल उनियाल व श्री अतुल शर्मा को भी उत्तराखण्ड दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें हिंदी भाषा को समृद्ध बनाने वाले महान साहित्यकारों को ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ से सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने उन सभी साहित्य साधकों को शुभकामनाएँ दीं जो अपनी रचनात्मकता से सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड भाषा संस्थान के माध्यम से राज्य के बिखरे हुए साहित्य को संरक्षित, संकलित और पुनर्स्थापित करने के लिए ठोस कार्य कर रही है। सरकार स्थानीय भाषाओं और बोलियों के संरक्षण के लिए भी सतत प्रयास कर रही हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपनी समृद्ध भाषायी विरासत से जुड़ी रहें।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा, शिवानी, शैलेश मटियानी, गिर्दा, शेर दा ‘अनपढ़’ और ‘हिरदा’ जैसे रचनाकारों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि इस सभी ने उत्तराखण्ड के जीवन, संघर्ष और संस्कृति को अपनी रचनाओं में जीवंत किया है। समकालीन रचनाकारों में अतुल शर्मा, प्रसून जोशी, और उनियाल जी जैसे साहित्यकार इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि “उत्तराखण्ड भाषा संस्थान” के माध्यम से हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं के विकास हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार द्वारा ‘उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान’, ‘साहित्य भूषण’, ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट’ पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है और नई पीढ़ी के लिए रचनात्मक लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर उन्हें प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।

समारोह में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि “दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान” के अंतर्गत साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले साहित्यकारों को ₹5 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की जा रही है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा दो ‘साहित्य ग्राम’ स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें साहित्यकारों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उत्तराखण्ड को एक साहित्यिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम प्रगति होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कक्षा 6 से लेकर डिग्री और यूनिवर्सिटी स्तर तक के विद्यार्थियों के लिए रचनात्मक लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रहे हैं, जिसके माध्यम से 100 से अधिक युवा रचनाकारों को पुरस्कृत भी किया गया है। हमारी सरकार ने बीते दो वर्षों में 62 साहित्यकारों को उनकी पुस्तकों के प्रकाशन हेतु अनुदान भी प्रदान किया है। इस वर्ष भी हमने पुस्तक प्रकाशन को प्रोत्साहित करने के लिए ₹25 लाख के विशेष बजट का प्रावधान किया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, विधायक श्री खजान दास, सचिव श्री नीरज खैरवाल, भाषा संस्थान की निदेशक श्रीमती जसविंदर कौर व प्रदेश के कई गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद्, साहित्यकार, छात्र एवं संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

देश के विकास और बेहतर शासन के लिए केंद्र सरकार प्रयासरत: अमित शाह

हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने...

टिहरी झील को विश्व मानचित्र पर पर्यटन-खेल के हब के रूप में विकसित किया जाएगा: मुख्यमंत्री

टिहरी।पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हो...

केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां तेज

हरिद्वार।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के 7 मार्च 2026 को प्रस्तावित हरिद्वार भ्रमण कार्यक्रम को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा तैयारियों को तेजी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

बॉक्स ऑफिस पर ‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की फीकी शुरुआत, पहले दिन नहीं जुटा पाई बड़ी कमाई

फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन की बतौर निर्माता नई फिल्म चरक: फियर ऑफ फेथ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसे विषयों...

पथरी की समस्या को नजरअंदाज न करें, समय रहते उपचार कराना जरूरी

बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह...

देश के विकास और बेहतर शासन के लिए केंद्र सरकार प्रयासरत: अमित शाह

हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने...

टिहरी झील को विश्व मानचित्र पर पर्यटन-खेल के हब के रूप में विकसित किया जाएगा: मुख्यमंत्री

टिहरी।पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हो...

Recent Comments